सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने एक बड़े अभियान के तहत दो शातिर तस्करों को दबोचकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग गैंग का भंडाफोड़ करने में सफलता पाई है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
रंगारेड्डी, तेलंगाना। तेलंगाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। हैदराबाद के बाहरी इलाके में सक्रिय नशीले पदार्थों के एक बड़े नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के साथ दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग गैंग का भंडाफोड़ किया है।[1]
यह बड़ी कामयाबी तेलंगाना ईगल फोर्स के अधिकारियों, हैदराबाद नारकोटिक्स टीम, मल्काजगिरी कमिश्नरेट के अंतर्गत अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और एलबी नगर जोन सुराग टीम के एक संयुक्त अभियान के दौरान मिली। पुलिस ने इस कार्रवाई में लगभग पचास लाख रुपये मूल्य की सात सौ पचास ग्राम शुद्ध मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की है। इसके साथ ही दवा बनाने के रसायन और उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
सुरक्षा बलों ने रंगारेड्डी जिले के अब्दुल्लापुरमेट मंडल के अंतर्गत आने वाले बाटासिंगाराम में एक गुप्त ठिकाने पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सूर्यपेट जिले के थिरुमलागिरी के एक व्यवसायी कीसरी मत्स्यगिरी और यादाद्री-भोंगीर जिले के मोथकुर निवासी निम्मला नरेश के रूप में हुई है। यह दोनों काफी समय से इस काले कारोबार में संलिप्त थे।
तेलंगाना पुलिस के ईगल फोर्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी मत्स्यगिरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करों के संपर्क में था। यह नेटवर्क पूरे देश में पैर पसार चुका था। आरोपियों ने गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर देश के कई हिस्सों में अवैध रूप से नशीली दवाएं बनाने की गुप्त इकाइयाँ स्थापित कर रखी थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपी एक ऐसे सिंडिकेट का हिस्सा हैं जिसका आपराधिक इतिहास एक दशक से भी अधिक पुराना है। मुख्य आरोपी मत्स्यगिरी पहले भी कई बार नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में पकड़ा जा चुका है और जेल की सजा भी काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा इस अवैध धंधे को नए सिरे से शुरू कर दिया।
जांच में सामने आया है कि मत्स्यगिरी ने यादाद्री भुवनगिरी जिले के मोथकुर के रहने वाले रावुला महेश से संपर्क किया था। उसने एक आम के बगीचे में चौकीदार के रूप में काम करने वाले महेश को चेहरे पर चमक लाने वाला पाउडर बनाने का झांसा दिया था। इसके एवज में उसने चौकीदार को दस हजार रुपये मासिक वेतन देने का वादा कर वहां अपनी अवैध प्रयोगशाला स्थापित की थी।
इस अवैध कारोबार को बढ़ाने के लिए मत्स्यगिरी ने प्रभाकर नाम के एक व्यक्ति से साठ हजार रुपये में कच्चा माल, उपकरण और घातक रसायन खरीदे थे। शुरुआत में आरोपियों ने आम के बगीचे में बेहद कम मात्रा में कच्चे मेफेड्रोन का निर्माण किया था। धीरे-धीरे उन्होंने अपने इस खतरनाक काम को बड़े पैमाने पर अंजाम देना शुरू कर दिया था।
आधिकारिक विवरण के अनुसार शुरुआत में बगीचे में दो किलोग्राम कच्चे मेफेड्रोन का निर्माण किया गया था, जिसे बाद में परिष्कृत करके सात सौ पचास ग्राम शुद्ध मेफेड्रोन में बदल दिया गया। पुलिस ने विनिर्माण सुविधा से सभी रसायनों, एक कार और तीन सेलफोन को जब्त कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय ड्रग गैंग का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह विवरण तेलंगाना के रंगारेड्डी में पुलिस द्वारा की गई ड्रग्स बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।