शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सरकारी संकल्प के तहत आज जयपुर में मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है।
मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई
जयपुर, राजस्थान। मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई के तहत आज राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जयपुर के गोल्यावास इलाके में एक बहुत बड़ी छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। फूड सेफ्टी टीम ने यहाँ स्थित एक नामी व्यावसायिक फर्म के विभिन्न ठिकानों और गोदामों पर अचानक दबिश दी। इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने नियमों की गंभीर अवहेलना पाए जाने पर कुल तेरह सौ किलो से अधिक वजन की खाद्य सामग्री को मौके पर ही सीज कर दिया।[1]
विभाग के आला अधिकारियों को पिछले कुछ समय से इस फर्म के गोदामों में अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों और बिना वैध मानकों के खाद्य पदार्थों की पैकिंग और बाजार में उसकी अवैध सप्लाई किए जाने की गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं। इन सूचनाओं की पुष्टि के लिए जब विशेष जांच दल गोल्यावास स्थित फर्म के ग्रोसरी गोदाम में औचक निरीक्षण के लिए दाखिल हुआ, तो वहाँ चारों तरफ भारी अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच के दौरान टीम ने देखा कि ग्रोसरी गोदाम में रखे दाल और चावल के बड़े-बड़े कट्टों पर पैकिंग की कोई भी तारीख अंकित नहीं की गई थी। हद तो तब हो गई जब इन बिना तारीख वाले कट्टों को एक पिकअप गाड़ी में भरकर स्थानीय बाजारों में धड़ल्ले से सप्लाई के लिए भेजने की तैयारी की जा रही थी। मुस्तैद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिकअप से इन सभी कट्टों को नीचे उतरवाया और मौके से मसूर दाल एवं चावल का एक-एक नमूना लेकर बाईस कट्टे सीज कर दिए।
इसके साथ ही विभाग ने फर्म के संचालकों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में बिना एक्सपायरी डेट अंकित की गई किसी भी खाद्य सामग्री को बाजार में न बेचा जाए। जांच के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट पार कर चुका स्टॉक भी मिला, जिसके बाद प्रशासन द्वारा इस मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मौके पर ही चार सौ पचास किलो आटा और दाल को तुरंत नष्ट करवा दिया गया।
धोखाधड़ी रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग की टीम जब फर्म के फल और सब्जी सेक्शन में पहुँची, जहाँ से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ऑर्डर लेकर फल एवं सब्जियों की होम डिलीवरी की जा रही थी, तो वहाँ का नजारा बेहद हैरान करने वाला था। इस ऑनलाइन डिलीवरी वाले कोल्ड रूम के भीतर जूते-चप्पल पहने हुए लोग काम कर रहे थे और चारों तरफ अत्यधिक गंदगी फैली हुई थी। उपभोक्ताओं को सप्लाई की जाने वाली फल एवं सब्जियां सीधे फर्श पर असुरक्षित तरीके से रखी हुई थीं।
इसके अलावा होटल और रेस्टोरेंट सामग्री के मुख्य गोदाम में लगे लोहे के टीन शेड के नीचे अत्यधिक तापमान में नियमों का खुला उल्लंघन देखा गया। यहाँ मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने पाया कि बिना किसी पैलेट के सीधे फर्श पर ही नॉन डेयरी क्रीम, म्योनीज, केचअप और सॉस जैसी संवेदनशील सामग्रियां रखी हुई थीं। टीम ने मौके से नॉन डेयरी क्रीम के दो नमूने लेकर जांच रिपोर्ट आने तक पांच सौ मिलीलीटर की नौ सौ पचास बोतलों वाले कुल चौबीस कार्टन सीज कर दिए।
फर्म के कन्फेक्शनरी गोदाम की जांच करने पर वहाँ भारी मात्रा में बाजार से वापस आया हुआ पुराना और एक्सपायरी माल जमा पाया गया, जिसे तुरंत प्रभाव से निस्तारित करने के लिए पाबंद किया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल सात कानूनी नमूने लिए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगामी विधिक कदम उठाए जाएंगे। परिसर में पाई गई इन सभी गंभीर कमियों को देखते हुए विभाग अब संचालक को कड़ा नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ टी शुभमंगला ने इस पूरी कार्रवाई की स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली ऐसी किसी भी फर्म को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कदम उठाए जाएंगे ताकि जनता को शुद्ध आहार मिल सके।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ टी शुभमंगला ने इस मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई और आगामी विधिक प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए अपने आधिकारिक बयान में कहा है:
"शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत हमारी फूड सेफ्टी टीम ने गोल्यावास में एक फर्म पर करीब तेरह सौ किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की है। फर्म के परिसर में स्वच्छता के मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों की भारी अवहेलना पाई गई है। इन तमाम गंभीर कमियों को देखते हुए संबंधित फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा बत्तीस के अंतर्गत सख्त कानूनी नोटिस जारी किया जा रहा है।"
इस पूरी छापामार कार्रवाई को अंजाम देने वाले विशेष दल में मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, सुशील चोटवानी, विनोद थारवान, देवेंद्र राणावत, रमेश यादव, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा और राजेश नागर शामिल रहे। अधिकारियों ने साफ किया है कि लैब से नमूनों की अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर दोषियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। त्योहारों और सामान्य दिनों में भी मिलावट के विरुद्ध कार्रवाई का यह विशेष अभियान पूरे प्रदेश में इसी तरह पूरी कड़ाई के साथ निरंतर जारी रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह विवरण जयपुर के गोल्यावास में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई छापामार कार्रवाई और आधिकारिक प्रशासनिक नोटिस पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।