आगामी त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर मुस्लिम समुदाय ने बीकानेर प्रशासन से मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की अपील की है।
एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए
बीकानेर, राजस्थान। आगामी पच्चीस और छब्बीस जून को आयोजित होने वाले मुहर्रम पर्व के दौरान शहर में उचित कानूनी व्यवस्था और कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'अंजुमन इंतजामिया कमेटी' ने सोमवार को बीकानेर जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पवित्र पर्व के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं ताकि जुलूस और ताजिए के समय किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। त्योहार के दौरान शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है।
अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन सौंपने के दौरान मुस्लिम समुदाय के कई प्रमुख गणमान्य लोग एक साथ मौजूद रहे। इस शिष्टमंडल में शहर काजी शाहनवाज हुसैन, पूर्व महापौर हाजी मकसूद अहमद, इकबाल मिर्जा, सैय्यद अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन जामी, शाकिर हुसैन चौपदार, रेहमत अली, हसन अली खिलजी और मेहबूब रंगरेज शामिल थे, जिन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
कमेटी द्वारा सौंपे गए इस विशेष ज्ञापन में मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मुख्य रूप से जुलूस मार्गों की जर्जर सड़कों को तुरंत सुधारने की पुरजोर मांग की गई है। शहर के मोहल्ला व्यापारियान, दाऊजी रोड, चुनघरान, धोबी तलाई, शीतला गेट, खटीकान, कुचिलपुरा, रामपुरा बस्ती और छोटी-बड़ी कर्बला क्षेत्र सहित आदि प्रमुख रास्तों की जर्जर पड़ी सड़कों की मरम्मत का कार्य त्योहार से पहले करवाने की अपील की गई है ताकि ताजियों के आवागमन में कोई असुविधा न हो।
इसके साथ ही मोहल्ला भिस्तियान और डिडू सिपाहियान जैसे व्यस्त इलाकों में नाली क्रॉस को दुरुस्त करने की आवश्यकता भी जताई गई है। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सड़कें टूटी होने और नालियों के सही ढंग से व्यवस्थित न होने के कारण त्योहार के दिन भारी भीड़ में दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसलिए प्रशासन को समय रहते इन सभी जर्जर हो चुके रास्तों का नवीनीकरण और सुदृढीकरण प्राथमिकता के आधार पर करवाना चाहिए।
ज्ञापन में बिजली आपूर्ति से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि ताजिए और अखाड़ों वाले जुलूस के रास्तों में नीचे लटक रहे या झूलते हुए बिजली के खतरनाक तारों को तुरंत कसकर ऊपर किया जाए। इसके अलावा विभिन्न संवेदनशील चौराहों पर लगे बिजली के भारी ट्रांसफार्मर का उचित मेंटिनेंस समय रहते दुरुस्त किया जाए ताकि किसी भी प्रकार के हादसे को टाला जा सके।
त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बिजली विभाग की विशेष टीमों को तैनात करने का आग्रह भी किया गया है। लटकते तारों की वजह से ऊंचे ताजियों को ले जाने में बड़ी बाधा उत्पन्न होती है, जिसे देखते हुए कमेटी ने इस तकनीकी समस्या का समाधान करने पर विशेष ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन ने मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था एवं इन सभी बुनियादी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है।
पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से ताजिए और अखाड़ों के निकलने वाले सभी पारंपरिक रास्तों पर विशेष रूप से बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पर्व के दोनों दिनों में जुलूस मार्गों पर कचरे या मलबे का कोई ढेर न लगा रहे। इसके लिए नगर निगम के सफाई कर्मियों की अतिरिक्त टीमें तैनात करने का प्रस्ताव भी प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा गया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर त्योहार के विशेष मौके पर पूरे शहर में पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने की मांग की गई है। विशेष रूप से कसाइयों की बारी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ आधुनिक ड्रोन कैमरों से लगातार कड़ी निगरानी रखने पर बल दिया गया है। आधुनिक तकनीक की मदद से असामाजिक तत्वों पर नजर रखना आसान होगा और जिला पुलिस द्वारा की जाने वाली मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष रमजान अली कच्छावा ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इन सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई अमल में लाएगा। उन्होंने कहा कि समय रहते व्यवस्थाएं पूरी होने से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि प्रशासन के लिए भी कानून व्यवस्था का प्रबंधन करना आसान रहेगा। इस बैठक के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने कमेटी को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संवेदनशील पॉकेट्स में सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की जाएगी। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से इस त्योहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाएगा और स्थानीय मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद रखा जाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। मुहर्रम पर्व के दौरान प्रशासन द्वारा किए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों, रूट डायवर्जन और सफाई व्यवस्था से जुड़ी किसी भी आधिकारिक गाइडलाइन के लिए जिला कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।