राजस्थान

संक्रमण पर नियंत्रण हेतु विशेष प्रशिक्षण: मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि

पीबीएम अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने हेतु संक्रमण पर नियंत्रण हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

By अजय त्यागी 1 min read
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संक्रमण पर नियंत्रण विषयक प्रशिक्षण सत्र

बीकानेर, राजस्थान। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा पीबीएम अस्पताल के नर्सिंग अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र कुमार के कुशल निर्देशन में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के प्रथम चरण में विभिन्न विभागों के कुल बत्तीस नर्सिंग अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सालय परिसर के भीतर फैलने वाले विभिन्न प्रकार के संक्रमण पर नियंत्रण करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।

इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रहा। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सेमिनार कक्ष में आयोजित इस सत्र में उन नर्सिंग स्टाफ को पहले चरण में शामिल किया गया है जो मुख्य रूप से आईसीयू, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा प्रशासन का मानना है कि इन महत्वपूर्ण जगहों पर संक्रमण पर नियंत्रण की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है क्योंकि यहाँ संक्रमण फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है।

 

नियमित प्रशिक्षण सत्र

माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह कोई एक दिवसीय आयोजन नहीं है बल्कि अस्पताल के पूरे नर्सिंग स्टाफ को कवर करने के लिए इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक सप्ताह के सोमवार को नियमित रूप से अलग-अलग बैच बनाकर नर्सिंग कर्मियों को प्रशिक्षित करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चिकित्सालय के सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों को यह विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने विभागों की दैनिक कार्य व्यवस्था को प्रभावित किए बिना कर्मचारियों को इस सत्र के लिए नामित करें। इस दूरदर्शी पहल से अस्पताल के भीतर भर्ती मरीजों को एक सुरक्षित और पूरी तरह से कीटाणुरहित वातावरण मिल सकेगा। इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने के लिए सभी स्तरों पर अस्पताल में संक्रमण पर नियंत्रण को अनिवार्य रूप से व्यवहार में लाने पर बल दिया जा रहा है।

अधिकारियों का संबोधन

इस विशेष अवसर पर कॉलेज की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रेखा आचार्य ने उपस्थित सभी नर्सिंग अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनके दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि अस्पतालों के भीतर संक्रमण को रोकना केवल एक कागजी या औपचारिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह सीधे तौर पर इंसानी जिंदगी से जुड़ा मामला है। उन्होंने सभी से इस ज्ञान को अपनी दैनिक कार्यशैली में पूरी ईमानदारी से उतारने का आह्वान किया।

"अस्पतालों में संक्रमण पर नियंत्रण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी नर्सिंग अधिकारी प्रशिक्षण में प्राप्त इस महत्वपूर्ण तकनीकी ज्ञान को अपनी व्यवहारिक कार्यशैली में अपनाएं ताकि चिकित्सालय को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।" - डॉ. रेखा आचार्य, अतिरिक्त प्राचार्य

विस्तृत तकनीकी सत्र

प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र के दौरान माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा स्वामी ने इन्फेक्शन कंट्रोल प्रोग्राम के समग्र स्वरूप और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. अमित सिंह रावल ने वार्ड के फ्लोर, विभिन्न सतहों तथा आईसीयू में उपयोग होने वाले जटिल उपकरणों की वैज्ञानिक सैंपलिंग प्रक्रिया के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी दी, जो स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी के दौरान काफी मदद करेगी।

इसके साथ ही डॉ. सुप्रिया राजवी ने हैंड हाइजीन, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण यानी पीपीई किट के उचित उपयोग तथा बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के नियमों के बारे में विस्तार से समझाया। सत्र के अंतिम चरण में डॉ. यशस्विनी एवं डॉ. शालिनी ने वार्डों की क्लीनिंग एंड डिसइन्फेक्शन प्रक्रियाओं पर व्याख्यान दिया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में रवि पुरोहित, रोहित गौड़, मदन गोपाल पुरोहित, अरुण रांकावत और कमलेश ने अपना विशेष सहयोग प्रदान किया।

अस्पताल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन बेहद गंभीर दिखाई दे रहा है। नियमित रूप से चलने वाले इस अभियान के माध्यम से चिकित्सालय की पूरी कार्यप्रणाली में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे पूरी सुरक्षा के साथ ना सिर्फ मरीजों की देखभाल कर सकेंगे बल्कि संक्रमण पर नियंत्रण पाने में कामयाब होंगे। 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और पीबीएम अस्पताल के इन्फेक्शन कंट्रोल प्रशिक्षण कार्यक्रम, आगामी सत्रों की तिथियों तथा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों से संबंधित आधिकारिक अपडेट के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी बयानों को ही सर्वोपरि मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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