अधिक मास के पावन समापन के अवसर पर प्राचीन दूदाधारी मंदिर में केजी तोषनीवाल परिवार की ओर से भगवान को भव्य छप्पन भोग लगाया गया।
भव्य छप्पन भोग
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। शहर के सांगानेरी गेट स्थित शहीद चौक के ऐतिहासिक प्राचीन दूदाधारी मंदिर में अधिक मास के पवित्र समापन अवसर पर केजी तोषनीवाल परिवार की ओर से एक विशेष धार्मिक उत्सव मनाया गया। इस पावन उपलक्ष्य पर तोषनीवाल परिवार द्वारा ठाकुर जी को विभिन्न प्रकार के पकवानों के साथ भव्य छप्पन भोग लगाया गया। इस अद्भुत धार्मिक कार्यक्रम में भीलवाड़ा के स्थानीय भक्तों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
इस विशेष उत्सव के दौरान संपूर्ण मंदिर परिसर दिनभर भक्ति, अटूट श्रद्धा और गहरी आस्था के दिव्य वातावरण से पूरी तरह सराबोर रहा। भगवान के विशेष अलौकिक श्रृंगार के साथ विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजनों, अनूठी मिठाइयों एवं विशेष फलाहार से सुसज्जित छप्पन भोग की अत्यंत आकर्षक झांकी सजाई गई। दर्शनार्थियों ने भगवान के मनोहारी स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की तथा तोषनीवाल परिवार द्वारा अर्पित इस छप्पन भोग के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
मंदिर परिसर में की गई विशेष सजावट और वहां व्याप्त आध्यात्मिक माहौल ने सभी आगंतुक श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस पावन अवसर पर आयोजित की गई विशाल भजन संध्या कार्यक्रम का सबसे बड़ा और विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भजन गायकों ने अपनी सुमधुर आवाज में एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर वहां मौजूद श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया और पूरा माहौल कृष्णमय हो गया।
भजन गायक कोमल-निशा, अंकित-कृति तोषनीवाल तथा पंडित सत्यप्रकाश दुबे एवं गोरीशंकर द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में गाए गए राधे-राधे, श्याम भजन और अन्य पारंपरिक भक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुतियों पर सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर आनंद से झूम उठे। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति रस की ऐसी अनुपम गंगा बही कि उपस्थित जनसमूह लगातार भजनों का आनंद लेता रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने भगवान के गगनभेदी जयकारों के साथ भजनों का भरपूर आनंद लिया तथा बाद में सभी ने पंक्तिबद्ध होकर पवित्र महाप्रसाद ग्रहण किया। अधिक मास के समापन पर जब तोषनीवाल परिवार की ओर से ठाकुर जी को भव्य छप्पन भोग लगाया गया, तो इसे लेकर समाजजनों में एक विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। वहां आए वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने इसे सकारात्मक आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आपसी धार्मिक एकता का एक अनुपम उदाहरण बताया।
इस दिव्य कार्यक्रम और भजन संध्या में दामोदर अग्रवाल, रामपाल सोनी, श्रीगोपाल राठी, राधेश्याम चेचानी, प्रह्लादराय लढ़ा, अशोक बाहेती, लादूराम बांगड़, एस.एन. मोदानी, बाबूलाल कोगटा, सुभाष बहेड़िया, राधेश्याम सोमाणी, ओम नरानीवाल, राजेन्द्र कचोलिया, दीनदयाल मारू, प्रदीप बल्दवा, सुशील मरोटिया, राजेन्द्र पोरवाल, महेंद्र काकाणी, केदार जागेटिया, केजी राठी और अभिजीत सारड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य पुजारी और विद्वानों द्वारा भगवान की भव्य महाआरती की गई तथा इसके बाद सभी भक्तों को सादर महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस पूरे वृहद धार्मिक आयोजन की अभूतपूर्व सफलता और तोषनीवाल परिवार की इस पवित्र धार्मिक पहल पर भीलवाड़ा के स्थानीय श्रद्धालुओं एवं प्रबुद्ध समाजजनों ने भव्य छप्पन भोग के लीए केजी तोषनीवाल परिवार का सहृदय आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस पावन बेला को यादगार बना दिया।
भीलवाड़ा जिले की इस विशेष धार्मिक हलचल से यह साफ संदेश गया कि इस प्रकार के पारंपरिक आयोजन न केवल हमारी प्राचीन संस्कृति को जीवित रखते हैं बल्कि समाज में सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करते हैं। इस पवित्र उत्सव के माध्यम से भीलवाड़ा के लोगों को एक बार फिर से भगवान की अनन्य भक्ति में लीन होने का अवसर मिला, जहाँ तोषनीवाल परिवार द्वारा अर्पित महाप्रसाद को पाकर सभी भक्त भावविभोर हो उठे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। प्राचीन दूदाधारी मंदिर में अधिक मास के आगामी आयोजनों, पूजा के विशेष समय तथा केजी तोषनीवाल परिवार द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं को ही सर्वोपरि मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।