राजस्थान के सीकर से नीट अभ्यर्थी की आत्महत्या का एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जिसके बाद कोचिंग करने वाले छात्रों में गहरा शोक है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
सीकर, राजस्थान। देश के प्रमुख कोचिंग हब में से एक से नीट अभ्यर्थी की आत्महत्या की बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है जिसके बाद छात्रों के बीच गहरा शोक छा गया है। राजस्थान के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे एक बाईस वर्षीय छात्र ने अपने निवास पर कथित तौर पर फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।[1]
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें छात्र ने अपनी मर्जी से दूर जाने की बात स्वीकार की है। परीक्षा के ठीक पहले हुई इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की टीमें अब छात्र के इस आत्मघाती कदम के पीछे छिपे असली कारणों का पता लगाने के लिए उसके कोचिंग संस्थान, दोस्तों और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।
मृतक छात्र की पहचान उमेश माली के रूप में की गई है जो मूल रूप से झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ का रहने वाला था। उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार उमेश सीकर के एक निजी आवासीय परिसर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह इस बार इक्कीस जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में तीसरी बार बैठने की तैयारी कर रहा था और इसके लिए लगातार कड़ी मेहनत में जुटा हुआ था।
उमेश अपनी मां, बड़ी बहन और छोटे भाई के साथ किराए के फ्लैट में रहता था जबकि उसके पिता मुंबई में टाइल ठेकेदार के रूप में काम करते हैं। बताया जा रहा है कि उमेश सोमवार को ही अपने पैतृक गांव से वापस सीकर लौटा था। दोपहर के समय जब उसकी बड़ी बहन और छोटा भाई कमरे पर पहुंचे तो उन्होंने उमेश को बेसुध पाया जिसके बाद तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के मुर्दाघर भिजवाया। पुलिस को तलाशी के दौरान छात्र के कमरे से एक हस्तलिखित नोट मिला है जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस नोट में छात्र ने लिखा है कि वह बहुत दूर जा रहा है और उसे खुद नहीं पता कि वह कहां जा रहा है, इसके साथ ही उसने अपनों से माफी भी मांगी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी तक आत्महत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन मानसिक तनाव और परीक्षा के दबाव सहित सभी पहलुओं से नीट अभ्यर्थी की आत्महत्या के मामले की सघन जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले भारी दबाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस टीम संस्थान के अन्य छात्रों और परिजनों से भी पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है।
यदि आप या आपका कोई परिचित इस समय किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या सुसाइडल विचारों से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। देश में ऐसी कई संस्थाएं हैं जो संकट के समय आपकी बात सुनने और भावनात्मक सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। आप चौबीसों घंटे उपलब्ध स्नेहा फाउंडेशन के हेल्पलाइन नंबर 04424640050 पर संपर्क कर सकते हैं या टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की हेल्पलाइन आईकॉल को 9152987821 (Monday to Saturday from 8 am to 10 pm) पर कॉल कर सकते हैं।
इस कठिन समय में छात्रों को यह समझना होगा कि कोई भी परीक्षा या असफलता जीवन से बड़ी नहीं होती है। माता-पिता और कोचिंग संस्थानों को भी बच्चों पर अत्यधिक दबाव बनाने के बजाय उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है। नीट अभ्यर्थी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह देश में नीट अभ्यर्थी की आत्महत्या से संबंधित पुलिस जांच और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की समीक्षा से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।