उत्तर प्रदेश

चंपत राय से पूछताछ और संदिग्धों की सफाई के बीच SIT की जांच जारी

खजाने और चढ़ावे में गबन के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) अयोध्या पहुंचा और मामले में SIT की जांच जारी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर के खजाने और चढ़ावे में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद अब इस पर कड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी पंद्रह जून दो हजार छब्बीस को अयोध्या पहुंच गई है। विशेष जांच टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से लगातार छह घंटे तक सघन पूछताछ की है और मंदिर से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य खंगाले हैं। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से पूरे राम मंदिर परिसर और प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है और मामले के हर पहलू पर SIT की जांच जारी है।

एसआईटी की इस बड़ी कार्रवाई से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने पांच मुख्य संदिग्धों से करीब दो करोड़ रुपये नकद, एक लग्जरी कार और तीन आईफोन बरामद किए हैं। इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। बीती तेरह जून दो हजार छब्बीस को टिन्नू के पैतृक आवास पर हुई छापेमारी में भारी मात्रा में शुद्ध सोना जब्त किया गया है। इन सभी शुरुआती बरामदगियों को आधार बनाकर अब SIT की जांच जारी है जो इस पूरे वित्तीय मामले के हर एक पहलू को गहराई से टटोलने में जुटी हुई है।[1]

बेनामी संपत्तियों का दावा

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जब्त किए गए इस सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आया है कि टिन्नू के पास अयोध्या और लखनऊ में करीब पचास करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियां मौजूद हैं। कभी ऑटो रिक्शा चलाने वाले टिन्नू के पास वर्तमान में अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक सत्तर कमरों वाला छात्र छात्रावास भी है। विशेष जांच दल यानी एसआईटी आने वाले दिनों में इस छात्रावास के निर्माण और उसके वित्तीय स्रोतों की भी बारीकी से जांच कर सकती है।

इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर सोमेश आनंद भी आया है, जिसे मंदिर निर्माण के मुख्य प्रभारी गोपाल राव का कथित भतीजा बताया जा रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार सोमेश ने पिछले एक साल में देश के विभिन्न राज्यों की पचास से अधिक संदिग्ध यात्राएं की हैं। वह अयोध्या रेलवे स्टेशन से बोरों में भारी सामान भरकर ट्रेन से दक्षिण भारत जाता था और वापसी में हवाई जहाज से खाली हाथ अयोध्या लौटता था। फिलहाल सोमेश के सभी बैंक खातों और हवाई टिकटों की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गहनता से जांच की जा रही है, जिससे निष्पक्षता के साथ SIT की जांच जारी रह सके।

संदिग्धों के अपने दावे

इस पूरे मामले में केडी तिवारी का नाम भी सामने आया है, जिनके पास रामलला के आभूषणों को संभालने की मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारी थी। सुरक्षा अधिकारियों ने उनके आवास पर भी छापेमारी की थी और उनके द्वारा हाल ही में खरीदी गई डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन का सौदा भी जांच के दायरे में है। हालांकि, केडी तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि उनकी ड्यूटी महज श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए आभूषणों को तौलकर रसीद देने तक सीमित थी, उसके बाद वह उसे ट्रस्ट के वरिष्ठों को सौंप देते थे और आगे क्या होता था, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

दूसरी तरफ, काफी दिनों की चुप्पी के बाद रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है। टिन्नू यादव ने अपने ऊपर लगे सभी वित्तीय आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है। उसका कहना है कि उसने दो-दो रुपये एकत्रित करके यह अथाह संपत्ति बनाई है, हालांकि उसने इस वीडियो में कमाई के इस माध्यम की कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। इस प्रकार सभी संदिग्ध अभी खुद पर लगे आरोपों को गलत बता रहे हैं और अपनी बेगुनाही के दावे पेश कर रहे हैं।

जांच अभी जारी

इस पूरे मामले में अभी एसआईटी की जांच शुरुआती और प्राथमिक स्तर पर ही चल रही है, इसलिए अभी तक कोई भी निर्णायक मोड़ सामने नहीं आया है। मंदिर के आभूषणों के प्रभारी और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अलग-अलग बयानों के बाद एसआईटी हर एक दावे का मिलान बरामद दस्तावेजों से कर रही है। जब तक विशेष जांच दल अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को नहीं सौंप देता, तब तक इस मामले में किसी की संलिप्तता पर अंतिम मुहर नहीं लगाई जा सकती। फिलहाल अधिकारी पूरी निष्पक्षता से वित्तीय कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं और परिसर में SIT की जांच जारी है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह अयोध्या के राम मंदिर में खजाने की सुरक्षा और विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही शुरुआती तफ्तीश से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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