महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत आज बच्चों और महिलाओं के लिए संस्कारों की दौड़, माइंड मास्टर और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं।
महेश नवमी महोत्सव
भीलवाड़ा, राजस्थान। श्री नगर माहेश्वरी सभा के तत्वावधान में नगर माहेश्वरी महिला संस्थान द्वारा आयोजित किए जा रहे महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन के कार्यक्रमों का आज सफल समापन हुआ। इस महोत्सव के तहत आयोजित विभिन्न मुकाबलों में समाज के बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वर्तमान में जारी इस मुख्य महोत्सव के अंतर्गत आज की प्रतियोगिताओं ने समाज के भीतर आपसी जुड़ाव और एकजुटता को सुदृढ़ बनाने में एक बेहद प्रभावी भूमिका निभाई है।
संस्थान की अध्यक्षा वीणा मोदी ने बताया कि इस भव्य महेश नवमी महोत्सव का मुख्य ध्येय समाज में संस्कार, पारिवारिक मूल्य एवं सामाजिक एकता को मजबूत करना है। वहीं संस्थान की सचिव विनीता तोषनीवाल के अनुसार समाज के सभी आयु वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ आज आयोजित हुई इन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा, ज्ञान एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
महोत्सव के अंतर्गत आज ममता की पाठशाला: संस्कारों की दौड़ नामक प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसकी मुख्य प्रभारी रीना डाड रहीं। इस कार्यक्रम का सुंदर संयोजन पुराना शहर माहेश्वरी महिला संगठन की ज्योति भदादा एवं अनीता बाहेती द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में उपस्थित माताओं ने अपने बच्चों को संस्कारों के महत्व एवं जीवन में उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में अमूल्य जानकारियां प्रदान कीं। इस रचनात्मक दौड़ में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीतल जागेटिया ने प्रथम, खुशबु बसेर ने द्वितीय और अर्चना शारदा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इसके बाद कौन बनेगा माहेश्वरी माइंड मास्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सात टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। प्रतिभागियों ने हॉट सीट पर बैठकर सामान्य ज्ञान एवं त्वरित निर्णय क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता की मुख्य प्रभारी शशि अजमेरा एवं लीला राठी रहीं तथा इसका संयोजन बसंत विहार संगठन की शोभा राठी एवं सुनीता लड्डा द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में कड़े मुकाबले के बीच माहेश्वरी शक्ति ने प्रथम, माहेश्वरी prado ने द्वितीय और माहेश्वरी वॉरीयर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
पूरे कार्यक्रम की आधुनिक और तकनीकी रूपरेखा तैयार करने में आरूषी राठी का विशेष योगदान रहा, जिनके प्रयासों से यह बौद्धिक सत्र पूरी तरह सुव्यवस्थित सम्पन्न हुआ। समाज के बच्चों और युवाओं के विकास को ध्यान में रखकर ही महेश नवमी महोत्सव के मंच पर इन विविध प्रतियोगिताओं का ताना-बाना बुना गया है। इसके साथ ही एक अत्यंत विचारोत्तेजक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन सीमा बिरला एवं जतन हिंगड़ के मुख्य प्रभार में सम्पन्न हुआ। इसका संयोजन आर.के.आर.सी. व्यास महिला संगठन की पल्लवी लढा एवं रंजना बिरला द्वारा किया गया।
प्रतियोगिता का मुख्य विषय फ्यूचर वर्सेस फैमिली - प्राथमिकता की परख रखा गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने करियर और पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। इस वैचारिक बहस के मंच पर बेहतरीन वक्तव्य देते हुए आंचल माहेश्वरी ने प्रथम, देवांशी मालू ने द्वितीय और भूमिका लढ्ढा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के अतिथि के रूप में ओम नराणीवाल, अतुल राठी, राजेन्द्र कचोलिया, प्रमोद डाड, गोपाल नराणीवाल, अर्चित मुंदड़ा, अंकित लखोटिया आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल प्रबंधन और संचालन में अनु मोदी, लीना कोठारी, नीलम दरगड़, चेतना बसेर, कल्पना सोनी एवं शीतल अजमेरा का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के पदाधिकारियों ने सभी उत्साही प्रतिभागियों, सहयोग करने वाले अभिभावकों, कार्यक्रम प्रभारियों, संयोजकों एवं निष्पक्ष निर्णायकों का आभार व्यक्त किया। आज की इन विशेष गतिविधियों के संपन्न होने के बाद अब आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी पूरे समाजजनों में भारी उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है और सामूहिक स्तर पर यह महेश नवमी महोत्सव अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। यह भीलवाड़ा में चल रहे महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित विभिन्न सामाजिक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं के समापन से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।