अंतरराष्ट्रीय

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले: ब्याज दरों पर आया ऐतिहासिक बदलाव

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए प्रमुख के कार्यकाल में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले सार्वजनिक हो चुके हैं जिससे वैश्विक कूटनीति और आर्थिक समीकरण पूरी तरह बदल गए है

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श ने अमेरिकी मौद्रिक नीति के एक नए युग की शुरुआत कर दी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले सार्वजनिक किए जा चुके हैं।  केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने मुद्रास्फीति के लक्ष्य से काफी ऊपर होने के बावजूद इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही बैंक ने एक महत्वाकांक्षी समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है जो भविष्य में केंद्रीय बैंक के निर्णयों और जनता के साथ संवाद के तरीके को पूरी तरह से बदल सकती है। पिछले महीने ही कार्यभार संभालने वाले वॉर्श ने इस नीतिगत बयान से आर्थिक जगत में अपनी एक अलग और मजबूत छाप छोड़ी है।[विडियो]

केंद्रीय बैंक द्वारा जारी इस संक्षिप्त नीतिगत दस्तावेज ने वित्तीय बाजारों को अपनी दिशा खुद तय करने की स्वतंत्रता दी है। इस महत्वपूर्ण आर्थिक मोड़ पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले वैश्विक बाजारों और भविष्य की वित्तीय रणनीतियों को व्यापक रूप से प्रभावित करने वाले साबित होंगे। नीति-निर्धारक फेडरल ओपन मार्केट कमेटी द्वारा जारी किए गए इस नए प्रारूप ने पूर्व फेड अध्यक्ष एलन ग्रीनस्पैन के दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जो वित्तीय दुनिया में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है।[1]

नीतिगत बदलाव और भविष्य का मार्गदर्शन

वॉर्श ने अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में भविष्य का कोई निश्चित मार्गदर्शन देना पूरी तरह उपयुक्त नहीं है। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि वे अभी आगे की कार्रवाई के बारे में कोई ठोस आश्वासन नहीं दे सकते, लेकिन छह सप्ताह बाद होने वाली अगली बैठक में कूटनीतिक समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय बैंक के इस कड़े रुख के बाद जारी नए त्रैमासिक अनुमानों से पता चलता है कि कुल उन्नीस नीति निर्माताओं में से नौ अधिकारी अब आगामी समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना देख रहे हैं।

इस नए नीतिगत बयान में देश की उत्पादकता वृद्धि और पूंजी निवेश को काफी मजबूत बताया गया है। बैंक ने स्वीकार किया है कि मुद्रास्फीति वर्तमान में समिति के दो प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिसके लिए आंशिक रूप से ऊर्जा क्षेत्र सहित कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में आए आपूर्ति झटके जिम्मेदार हैं। इस प्रकार वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को संतुलित करने और महंगाई से निपटने की दिशा में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले आने वाले दिनों में कूटनीतिक रूप से बेहद निर्णायक भूमिका निभाने जा रहे हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया और व्यापक समीक्षा

फेड प्रमुख के इस नए और कड़े नीतिगत रुख के कारण शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई और अल्पकालिक बांड प्रतिफल में तेज उछाल आया। ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने और भविष्य में बढ़ोतरी की संभावना ने उन उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है जो दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे थे। वित्तीय विश्लेषक अब यह अनुमान लगा रहे हैं कि केंद्रीय बैंक आने वाले समय में मौद्रिक नीतियों को और अधिक सख्त कर सकता है जिससे निवेशकों को अब कम संकेतों के सहारे ही बाजार में काम करना होगा।

"मैं आपको इस बारे में कोई अग्रिम मार्गदर्शन नहीं दे सकता कि हम आगे क्या करने जा रहे हैं। अच्छी खबर यह है कि हम छह सप्ताह में दोबारा मिल रहे हैं।" - केविन वॉर्श, अध्यक्ष, फेडरल रिजर्व

फेडरल रिजर्व ने अपनी संतुलन शीट, संचार प्रणाली, डेटा स्रोतों, उत्पादकता, रोजगार और मुद्रास्फीति के ढांचे सहित प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों में एक व्यापक समीक्षा की घोषणा की है। इस रणनीतिक नीतिगत बदलाव के बाद कूटनीतिक हलकों में यह स्पष्ट माना जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले वैश्विक अर्थव्यवस्था, बैंकिंग प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रवाह को नियंत्रित करने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होंगे। आगामी दिनों की कूटनीतिक और आर्थिक समीक्षा अब यह तय करेगी कि वैश्विक मंदी के बीच अमेरिकी बाजार स्थिरता की ओर बढ़ पाते हैं या नहीं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक नीतियों, केंद्रीय बैंक के विधिक फैसलों और वैश्विक वित्तीय सुरक्षा के तथ्य आर्थिक मापदंडों के अधीन पूरी तरह परिवर्तनशील हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

Source Source
#FederalReserve #KevinWarsh #USMonetaryPolicy #GlobalMarkets #InflationUpdate #FOMCMeeting
Read Full Article on RexTV India