पाकिस्तान समर्थित नार्को टेरर पर बड़ा प्रहार करने के बाद जम्मू और आसपास के सीमावर्ती जिलों में नशीले पदार्थों तथा खतरनाक हथियारों की तस्करी का खुलासा।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
जम्मू, जम्मू-कश्मीर। पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार कर जम्मू लाए गए तीन तस्करों पर सुरक्षाबलों द्वारा की गई यह कार्रवाई असल में पाकिस्तान समर्थित नार्को टेरर पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है। पकड़े गए आरोपी सीमा पार लिंक वाला एक हाई-प्रोफाइल मॉड्यूल चला रहे थे। जम्मू जिले में सप्लाई होने वाले कुल नशीले पदार्थों की अस्सी फीसदी आपूर्ति अकेले इसी मॉड्यूल द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने इनके कब्जे से एक एके-47 राइफल, एक पिस्टल, ग्यारह कारतूस, डेढ़ किलो हेरोइन, ग्यारह लाख रुपये कैश, मोबाइल और गाड़ियां बरामद की हैं।[1]
ये सभी आरोपी जम्मू-कश्मीर में नशे के मुख्य सरगना लाहू गुज्जर के नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं। जम्मू जिले के तीन थानों की पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर अमृतसर के ड्रीम सिटी स्थित एक फ्लैट में छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से सूरजदीप सिंह उर्फ सूरज, हरप्रीत सिंह उर्फ राजू और जसप्रीत सिंह तीनों निवासी जिंदाला अमृतसर को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के तार सीधे सीमा पार बैठे उन आकाओं से जुड़े हुए थे जो देश में युवाओं को बर्बाद करना चाहते थे।[2]
जम्मू में हुई नार्को टेरर पर बड़ा प्रहार करने वाली इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे खतरनाक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। यह गिरोह पूरी तरह से सीमा पार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर संचालित किया जा रहा था। पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की खेप पहले पंजाब में मंगवाई जाती थी और फिर उसे योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता था। इस तरह सुरक्षा बलों ने समय रहते मुस्तैदी दिखाते हुए सीमा पार चल रहे नार्को टेरर पर बड़ा प्रहार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को पहले नशे के दलदल में धकेलना था और फिर बाद में उन्हें देश विरोधी गतिविधियों के लिए हथियार थमा देना था। पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में कई ऐसे ठिकानों का खुलासा किया है जहां ये नशीले पदार्थ छुपा कर रखे जाते थे। पुलिस अब इन सभी हॉटस्पॉट इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है ताकि इस पूरे काले साम्राज्य को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद किया जा सके।
यह पूरा गिरोह पिछले डेढ़ साल से पुलिस के रडार पर था और सुरक्षा बल लगातार इनके इनपुट जुटा रहे थे। गंग्याल पुलिस ने कुछ समय पहले गिरफ्तार पंजाब निवासी मोहम्मद लतीफ उर्फ बच्चू, मजीदा और मुस्ताक से पूछताछ की तो पता चला कि उनके संपर्क सूरज और हरप्रीत से हैं। पुलिस को लगातार मिल रहे इनपुट और गहन पूछताछ में हो रहे खुलासों के बाद इन तस्करों तक पहुंचा गया और नार्को टेरर पर बड़ा प्रहार मुमकिन हो सका।
जम्मू, सांबा और कठुआ में नशे की सप्लाई करने वाले या तो खुद पंजाब जाकर माल लेते थे या फिर इन्होंने विशेष कूरियर रखे थे। इन्होंने बाड़ी ब्राह्मणा, बिश्नाह, बेलीचराना, राजीव नगर सहित अन्य इलाकों में अपने सुरक्षित अड्डे बनाए थे। इस बड़े नेटवर्क के ध्वस्त होने से जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में जारी नार्को-आतंकवाद की रीढ़ पूरी तरह से टूट गई है और पुलिस इसे देश की सुरक्षा के लिहाज से अपनी अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मान रही है।
"नशे के सरगना लाहू गुज्जर से जुड़े मामलों की जांच में पंजाब से लिंक मिले थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि चार आरोपी अपनी पहचान और नाम बदलकर जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में बड़े पैमाने पर नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे हैं। पुलिस ने तस्करों को चिह्नित किया और परिवार के करीब पहुंची। इसके बाद गंग्याल, नगरोटा, बिश्नाह, मीरां साहिब सहित अन्य पुलिस थानों में दर्ज एनडीपीएस के मामलों की जांच की और गिरफ्तारी व सर्च वारंट लिया। सीमा पार से नशा व हथियार की खेप लाने वालों की पहचान की जा रही है। कुछ लोगों की पहचान हुई है।" - जोगिंदर सिंह, एसएसपी जम्मू
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। नार्को टेरर और पुलिस जांच से जुड़े तथ्य आधिकारिक बयानों पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।