प्रादेशिक

रिश्वतखोर पटवारी पर एक्शन, किसान से दस हजार लेते रंगे हाथों पकड़ा

एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई। फसल का मुआवजा दिलाने के नाम पर एक किसान से दस हजार रुपये की घूस लेते रिश्वतखोर पटवारी पर एक्शन लिया।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

भिवानी, हरियाणा। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए भिवानी जिले में बड़ी सफलता हासिल की है। सतर्क ब्यूरो की विशेष टीम ने जाल बिछाकर किसान से दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए इस रिश्वतखोर पटवारी पर एक्शन लिया है। यह पूरी कार्रवाई तय योजना के तहत ड्यूटी मजिस्ट्रेट की गरिमामयी मौजूदगी में पूरी की गई। पकड़े गए आरोपी पटवारी की पहचान हर्ष छाबड़ा के रूप में हुई है, जो भिवानी के गांव गुजरानी में तैनात था।[1]

यह आरोपी सरकारी कर्मचारी गांव के ही एक सीधे-साधे पीड़ित किसान मंजीत से उसकी खराब हुई फसल का सरकारी मुआवजा पास करवाने की एवज में अवैध पैसों की मांग कर रहा था। किसान ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने का फैसला किया और इसकी पूरी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी। ब्यूरो की मुस्तैदी के कारण भ्रष्ट सरकारी तंत्र के इस हिस्से पर समय रहते लगाम लगाई जा सकी और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया।

ब्यूरो का जाल

एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों को जैसे ही किसान मंजीत ने पटवारी द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत दी, वैसे ही जांच टीम ने अपनी कानूनी रणनीति तैयार कर ली। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और भ्रष्टाचार पर प्रहार के लिए जाल बिछाया। आरोपी को रंगे हाथ दबोचने के लिए बकायदा ड्यूटी मजिस्ट्रेट को साथ लिया गया ताकि पूरी कार्रवाई पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत रहे।

किसान मंजीत जैसे ही आरोपी के पास तय की गई घूस की रकम लेकर पहुंचा, वैसे ही गुप्त रूप से मुस्तैद ब्यूरो की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। केमिकल लगे नोटों के साथ आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया, जिसके बाद वह चाहकर भी अपनी सफाई में कुछ नहीं कह सका। इस पूरी सफल छापेमारी और रिश्वतखोर पटवारी पर एक्शन के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल साफ देखा जा रहा है।

रिश्वत का सौदा

प्राप्त जानकारी के अनुसार गुजरानी गांव में तैनात आरोपी पटवारी हर्ष छाबड़ा ने शुरुआत में पीड़ित किसान मंजीत से फसल का मुआवजा पास कराने के नाम पर पूरे पंद्रह हजार रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता मंजीत ने इस अवैध मांग के आगे पूरी तरह घुटने टेकने या रिश्वत देने से साफ मना करने के बजाय बड़ी समझदारी दिखाई। उसने पटवारी से मोलभाव करना शुरू किया और आखिरकार दोनों के बीच दस हजार रुपये में अंतिम सौदा तय हो गया।

सौदा तय होते ही किसान ने बिना किसी देरी के तुरंत इस पूरे मामले की गुप्त शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी। रिश्वत के नोटों के साथ रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद ब्यूरो की टीम ने पटवारी हर्ष छाबड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी की टीम अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ गहन पूछताछ के काम में जुटी हुई है ताकि इस रिश्वतखोर पटवारी पर एक्शन को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों और ब्यूरो की कार्रवाई के लिए ब्यूरो की रिपोर्ट को ही अंतिम माना जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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