पिछोला झील के पास साहसिक एडवेंचर के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया गनीमत रही कि सत्तर फीट ऊंचाई पर हवा में फंसे पर्यटक सुरक्षित बचाए गए।
हवा में फंसे पर्यटक
उदयपुर, राजस्थान। शहर की सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत पिछोला झील के सुरम्य किनारे पर संचालित होने वाली एक प्रमुख साहसिक राइड के दौरान बुधवार की शाम उस समय अचानक भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बाहरी राज्य से घूमने आए दो पर्यटक हवा में काफी ऊंचाई पर फंस गए। अचानक मौसम का मिजाज बदलने और बहुत तेज हवाएं चलने के कारण दोनों सैलानी जमीन से काफी ऊपर झूलते रह गए। हालांकि समय रहते प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की तत्परता और सूझबूझ से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। [विडियो]
यह पूरी घटना स्थानीय दूधतलाई क्षेत्र में स्थित बेहद लोकप्रिय एडवेंचर पॉइंट पर घटित हुई, जहां दीनदयाल उपाध्याय पार्क और माणिक्यलाल वर्मा पार्क के बीच इस रोमांचक राइड का सफल संचालन किया जाता है। करीब छह सौ तीस मीटर की कुल लंबाई वाली इस अनूठी राइड को सामान्य परिस्थितियों में पार करने में महज पैंतालीस सेकंड का समय लगता है। बुधवार शाम गुजरात राज्य से यहाँ घूमने आए चार खास दोस्तों का एक समूह इस रोमांचक राइड का आनंद लेने पहुंचा था, जहां हवा में फंसे पर्यटक काफी डरे हुए नजर आए।
सभी चारों साहसी पर्यटकों को सुरक्षा मानकों के तहत दो-दो के अलग समूहों में राइड के लिए आगे भेजा गया था। पहले समूह के दोनों सदस्य तो बेहद सुरक्षित तरीके से सफलतापूर्वक दूसरे छोर पर पहुंच गए, लेकिन दूसरे समूह के दो पर्यटक अपने गंतव्य से कुछ ही दूरी पहले विपरीत दिशा से आ रही तेज हवा के थपेड़ों के कारण बीच रास्ते में ही रुक गए। हवा का भारी दबाव अचानक बढ़ने से उनकी आगे बढ़ने की गति बुरी तरह प्रभावित हुई और वे काफी ऊंचाई पर अटक गए।
इतनी अत्यधिक ऊंचाई पर खुद को असहाय पाकर लटके हुए दोनों पर्यटक बुरी तरह घबरा गए और सहायता के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे। स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मौके पर ग्राउंड जीरो पर मौजूद तकनीकी टीम तुरंत सक्रिय हो गई। संस्थान के कुशल और प्रशिक्षित कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद से दोनों पर्यटकों तक अपनी पहुंच बनाई और करीब ढाई मिनट के भीतर हवा में फंसे पर्यटक को सुरक्षित शुरुआती पॉइंट पर वापस ले आए।
उदयपुर में बड़ा हादसा टला, तेज हवाओं के बीच जिप लाइन पर हवा में अटके दो पर्यटक
— Fair Report (@fairreportnews) June 18, 2026
8 मिनट तक थमी रहीं सांसें#Udaipur #News pic.twitter.com/MpGWGmom4D
इस पूरी घटना का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों असहाय पर्यटक हवा के थपेड़ों के बीच काफी ऊंचाई पर लटके दिखाई दे रहे हैं और नीचे रेस्क्यू टीम उन्हें सुरक्षित निकालने की जटिल प्रक्रिया में जुटी हुई है। जिप लाइन प्रबंधकों और तकनीकी टीम का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस तरह के बदलाव जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए उनकी आंतरिक रेस्क्यू टीम हर समय हाई अलर्ट पर तैयार रहती है ताकि हवा में फंसे पर्यटक को बचाया जा सके।
"दीनदयाल पार्क से माणिक्यलाल वर्मा पार्क के बीच संचालित बुधवार शाम तेज हवा चलने के कारण दो पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने करीब ढाई मिनट में सुरक्षित बाहर निकाल लिया. ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम हमेशा तैनात रहती है." : शरद अग्रवाल, संचालक, जिप लाइन
इस बेहद डरावने और अप्रत्याशित वाकये में गनीमत यह रही कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन अगर समय पर कुशल कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो सकती थी। पर्यटकों के पूरी तरह सुरक्षित बचाव के बाद वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय निवासियों और साथी सैलानियों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने साबित किया कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान हवा में फंसे पर्यटक की जान की रक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम होना कितना जरूरी है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर इस तरह के एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ उठाते समय मौसम के पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखना बेहद आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद ऑपरेटरों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि हवा की गति एक निश्चित सीमा से अधिक होने पर राइड का संचालन तुरंत रोक दिया जाए। प्रबंधन ने भी आने वाले दिनों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने तथा तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच करने का पूरा भरोसा दिलाया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान स्थानीय सुरक्षा नियमों एवं गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।