अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करते हुए केंद्र सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदी को लेकर नए नियम जारी किए हैं।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
नई दिल्ली, भारत। देश की सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने विदेशी नागरिक आदेश में बड़ा संशोधन किया है। इस नए बदलाव के तहत अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों की सूची को फिर से अपडेट किया गया है, जिसके बाद अब विदेशी राष्ट्रिकों के इन विशेष क्षेत्रों में आवागमन और ठहरने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।[1]
सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदी से जुड़े इस नए शासकीय संशोधन के जरिए विदेशी नागरिकों के साथ-साथ ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी ओसीआई कार्डधारकों को भी इस नियामक ढांचे के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय की इस नई अधिसूचना के बाद सीमा सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस प्रशासनिक आदेश के तहत भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित कई महत्वपूर्ण तहसीलों को नए सुरक्षा नियमों के दायरे में लाया गया है, जिससे अब अवांछित तत्वों की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी।
नए नियमों के तहत सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान रखा गया है कि स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर इसका कोई नकारात्मक असर न पड़े। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रमुख शहरों के मुख्य नागरिक क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या बासठ, ग्यारह और अड़सठ के आसपास के चुनिंदा हिस्सों को इस नए प्रतिबंधात्मक दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। इससे आम यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके साथ ही मरुस्थलीय संस्कृति और सफारी के लिए दुनिया भर में मशहूर प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदी के इन कड़े प्रतिबंधों से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इन पर्यटन महत्व के गांवों और मार्गों के दोनों ओर पांच सौ मीटर तक के दायरे में विदेशी सैलानियों को पहले की तरह ही आवागमन की छूट मिलती रहेगी। सरकार के इस संतुलित फैसले से जहां एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की आजीविका भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
"इस सारणी में निर्दिष्ट संरक्षित क्षेत्र शहरों, कस्बों और गांवों के परिधीय क्षेत्रों पर लागू नहीं होंगे, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं. इसके साथ ही पर्यटन के उद्देश्य से उपयोग किए जाने वाले प्रमुख पर्यटन स्थलों और गांवों की सीमाओं को भी इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है." : गृह मंत्रालय अधिसूचना, भारत सरकार
सीमा सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि आधुनिक समय में तकनीकी और रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए समय-समय पर ऐसे नियमों की समीक्षा करना बेहद आवश्यक होता है। इस नए आदेश के लागू होने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों के पास सीमा के नजदीक रहने वाले विदेशी नागरिकों का एक सटीक और प्रामाणिक डेटा उपलब्ध रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदी से सीमा पार से होने वाली किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस नियम के दायरे में आने वाले सभी प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कड़ाई से नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। स्थानीय प्रशासन भी अब सीमावर्ती क्षेत्रों में पाबंदी के नए नियमों को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस आदेश के बाद संवेदनशील इलाकों में बिना वैध अनुमति के किसी भी विदेशी नागरिक का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिससे आंतरिक सुरक्षा को एक अभेद्य कवच मिलेगा और देश विरोधी ताकतों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों की यात्रा से पूर्व गृह मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम नियमों एवं वैध परमिट संबंधी दिशा-निर्देशों की जांच अवश्य कर लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।