सरकारी चिकित्सा क्षेत्र में पहली बार दिल के छेद का सफल ऑपरेशन किया गया। मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और रोबोटिक सर्जरी का कीर्तिमान स्थापित हुआ है।
जेएलएन की सर्जरी टीम
अजमेर, राजस्थान। संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने एक अट्ठाईस वर्षीय महिला के दिल में मौजूद छेद का अत्याधुनिक दो रोबोट की मदद से सफल ऑपरेशन करके चिकित्सा जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में विश्व स्तर पर इस तरह का यह पहला सफल ऑपरेशन माना जा रहा है, जिससे सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी का कीर्तिमान स्थापित हुआ है और मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है।[1]
पुश्कर की रहने वाली यह युवा महिला पिछले पांच वर्षों से हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं से काफी परेशान थी। उसे लगातार सांस फूलने, चेहरे और पैरों में अत्यधिक सूजन आने, अनियमित हृदय गति और बार-बार गंभीर खांसी होने की शिकायत बनी रहती थी। प्राथमिक जांच के बाद कार्डियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका महेश्वरी ने इस गंभीर स्थिति को भांपते हुए मरीज को तुरंत सीटीवीएस विभाग में रेफर कर दिया था, जहां उसकी गहन जांच की गई।
चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि महिला के हृदय में जन्मजात छेद होने के कारण उसके फेफड़ों पर लगातार अत्यधिक दबाव बढ़ रहा था। इस जटिल स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने इस कठिन ऑपरेशन को रोबोटिक प्रणाली के माध्यम से अंजाम देने की योजना बनाई। मरीज की विशेष रूप से जटिल इको जांच की गई और उसे सामान्य से बिल्कुल अलग तरीके से विशेष एनेस्थीसिया देकर रोबोटिक सर्जरी का कीर्तिमान रचने की तैयारी की गई।
इस बेहद जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने में डॉक्टरों की टीम को करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगा। इस ऐतिहासिक चिकित्सा अभियान में एनेस्थीसिया विभाग और कुशल नर्सिंग स्टाफ ने भी अपनी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक और रोबोटिक बाहों की सटीकता के कारण दिल का छेद पूरी तरह बंद कर दिया गया और यह जटिल ऑपरेशन बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, जिसने चिकित्सा क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी का कीर्तिमान स्थापित किया।
इस सफल ऑपरेशन के मात्र तीन दिन बाद ही महिला मरीज को अस्पताल से सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया है। सरकारी चिकित्सा के इतिहास में यह पहली ऐसी कार्डियक सर्जरी है जो पूरी तरह से सफल रही है और इसने साबित किया है कि अब सरकारी अस्पतालों में भी विश्वस्तरीय इलाज संभव है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत अब बेहद सामान्य है और वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी है जिससे रोबोटिक सर्जरी का कीर्तिमान सफल रहा।
"यह हम सबके लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है कि हमारे सीटीवीएस विभाग में रोबोटिक तकनीक से पहला सफल ऑपरेशन हुआ है. संपूर्ण विश्व के सरकारी चिकित्सा क्षेत्र में यह पहली ऐसी कार्डियक रोबोटिक सर्जरी है जो पूरी तरह सफल रही है." : डॉ. अनिल सामरिया, प्राचार्य, जेएलएन मेडिकल कॉलेज
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। जेएलएन अस्पताल में हुई इस रोबोटिक हृदय सर्जरी की वर्तमान स्थिति, चिकित्सीय परामर्श और अस्पताल के आधिकारिक विवरण के लिए संबंधित चिकित्सा विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी प्रामाणिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।