सुरक्षा अधिकारियों ने एक भारतीय यात्री के पास से करीब 34.67 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद कर करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त करने में सफलता पाई है।
करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त
नई दिल्ली, भारत। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम) ने एक बहुत बड़े मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद की है। सुरक्षा अधिकारियों ने एक भारतीय यात्री के पास से करीब 34.67 करोड़ रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे सुरक्षा महकमे में हलचल मच गई है, क्योंकि इतनी भारी कीमत के साथ करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त होना अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की सक्रियता को दिखाता है। कस्टम विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने इस तस्करी के प्रयास में शामिल आरोपी भारतीय यात्री को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। [विडियो]
सीमा शुल्क अधिकारियों से प्राप्त विवरण के अनुसार, संदिग्ध भारतीय यात्री पिछले मंगलवार 16 जून को मलेशिया के कुआलालंपुर से दिल्ली पहुंचा था। टर्मिनल-3 के ग्रीन चैनल पर सुरक्षा जांच के दौरान प्रोफाइलिंग और संदिग्ध व्यवहार के संकेतों के आधार पर सतर्क अधिकारियों ने उसे बीच में ही रोक लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद जब अधिकारियों को उसके जवाबों पर संदेह हुआ, तो उन्होंने उसके पास मौजूद सामान की गहनता से विस्तृत जांच करने का निर्णय लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त किया जा सका।
सघन निरीक्षण के दौरान जब यात्री के दो ट्रॉली बैगों की अत्याधुनिक एक्स-रे स्कैनिंग की गई, तो सामान के भीतर चालाकी से छुपाए गए संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए। इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत बैगों को खोलकर भौतिक रूप से उसकी तलाशी ली, जिसमें से सफेद रंग के पाउडर से भरे 4 पैकेट बरामद किए गए। जब फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से उस संदिग्ध पदार्थ की जांच की गई, तो उसके हेरोइन होने की प्रामाणिक पुष्टि हुई, जिसके बाद विभाग ने करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त करने की विधिक प्रक्रिया शुरू की।
#WATCH | Delhi: The customs officers of IGI airport, New Delhi, have booked a case of smuggling Heroin. On the basis of profiling, one Indian passenger arriving from Kuala Lumpur was intercepted by Customs officers at the Green Channel of Terminal-3, IGI Airport, New Delhi on… pic.twitter.com/ei5tSoluap
— ANI (@ANI) June 19, 2026
बरामद की गई हेरोइन का कुल वजन 6.934 किलोग्राम मापा गया है। अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रतिबंधित ड्रग्स की अनुमानित कीमत लगभग 34.67 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो हाल के महीनों में इस हवाई अड्डे पर दर्ज की गई सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। सीमा शुल्क विभाग ने स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर यात्री को हिरासत में ले लिया है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ी जा सके।
"अंतरराष्ट्रीय तस्करों द्वारा मादक पदार्थों की छिपकर की जा रही इस अवैध आपूर्ति को रोकने के लिए हमारी टीमें हर स्तर पर मुस्तैद हैं। बरामद की गई हेरोइन की यह खेप और उसे छुपाने के लिए इस्तेमाल की गई पैकिंग सामग्री को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।" : कस्टम अधिकारी, सीमा शुल्क विभाग
करोड़ों का नशीला पदार्थ जब्त करने की इस बड़ी कामयाबी के बाद जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि नशीले पदार्थों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे भारत के किस हिस्से में पहुंचाया जाना था। वरिष्ठ अधिकारियों को प्रबल आशंका है कि यह पूरा मामला सीमाओं के पार काम करने वाले एक सुनियोजित और बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग-ट्रैफिकिंग सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है, जो भारत के युवाओं को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है।
जांच दल वर्तमान समय में पकड़े गए आरोपी यात्री के पुराने यात्रा इतिहास, उसके बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन और तस्करी नेटवर्क के अन्य संदिग्ध सदस्यों के साथ उसके संभावित संबंधों की बारीकी से जांच कर रहा है। भारत में प्रतिबंधित दवाओं के इस अवैध आयात के प्रयास के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और मास्टरमाइंड संगठनों की पहचान करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा तंत्र का मानना है कि इस बड़ी बरामदगी के बाद अंतरराष्ट्रीय तस्करों के कई अन्य ठिकानों का भी जल्द ही पर्दाफाश हो सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान, एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट की कानूनी कार्यवाही, सीमा शुल्क विभाग की अंतिम चार्जशीट और अंतरराष्ट्रीय जांच के आधिकारिक अपडेट से संबंधित किसी भी प्रामाणिक विवरण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और कस्टम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।