अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग और डिजिटल साक्षरता के जरिए स्वस्थ जीवन एवं साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया। वित्तीय सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026
पिपराइच, गोरखपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पिपराइच क्लस्टर में आयोजित विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से योग और डिजिटल साक्षरता को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया गया। इस वर्ष की थीम "Yoga for Healthy Ageing" के अंतर्गत न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया गया, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक भी किया गया। यह आयोजन स्वास्थ्य, सुरक्षा और वित्तीय सशक्तिकरण का एक बेहतरीन मिश्रण रहा, जिसने स्थानीय लोगों को एक नई दिशा प्रदान की है।
पिपराइच ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इसी क्रम में पिपराइच थाना परिसर में भी उत्साह का माहौल रहा, जहाँ वरिष्ठ उप निरीक्षक राजीव सिंह, उप निरीक्षक सचिन पाण्डेय, प्रदीप श्रीनेत, विकास साहू, तेज बहादुर सिंह, अखिलेश अरुण, अभिषेक कुमार, उप निरीक्षक शिखा जायसवाल, एसआई दीपिका यादव, खुशबू, और बीनू सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने पूरे मनोयोग से योग क्रियाओं में भाग लिया।
कार्यक्रम में डिजिटल सखी परियोजना की ज्वाइंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर गीता कौर ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक लाभों के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को योग और डिजिटल साक्षरता के महत्व को समझाते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय भी विस्तार से सिखाए।
उन्होंने अपने संबोधन में वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए कहा: "आज की बचत ही हमारी समृद्धि की सबसे बड़ी ताकत है।"
डिजिटल फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी ठगी और यूपीआई धोखाधड़ी जैसी समस्याओं से बचाव के लिए उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग और डिजिटल साक्षरता का संयोजन ही आज के दौर में ग्रामीणों को आर्थिक और शारीरिक रूप से आत्मनिर्भर बना सकता है। अधिकारियों ने परियोजना के इन प्रयासों की सराहना की और इसे समाज के लिए एक आवश्यक पहल बताया।
ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता लेखपाल उमा शंकर द्वारा की गई। उन्होंने योग को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कर्मचारियों के मनोबल को ऊँचा उठाते हैं। उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने डिजिटल सखी परियोजना के स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता को एक मंच पर लाने के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान प्रतिभागियों ने योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल योग के महत्व को स्थापित करने में सफल रहा, बल्कि योग और डिजिटल साक्षरता के संदेश को प्रभावी रूप से प्रसारित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना। प्रतिभागियों ने एक डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं आर्थिक रूप से समृद्ध समाज के निर्माण में हर संभव सहयोग देने का वादा किया। अंत में सभी ने इस मुहिम को निरंतर आगे ले जाने पर सहमति जताई ताकि पिपराइच क्षेत्र के लोग अधिक जागरूक और सशक्त बन सकें।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। योग कार्यक्रमों एवं साइबर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।