राजस्थान एटीएस ने आतंकी संगठनों से संपर्क रखने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध लिंक और आपत्तिजनक साक्ष्य मिले।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
जयपुर, राजस्थान। जयपुर में राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक महिला बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को आतंकी संगठनों से मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार किया है। मूल रूप से गंगापुर सिटी की रहने वाली और वर्तमान में जयपुर में निवास कर रही इस महिला को रविवार को हिरासत में लिया गया। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उसे देशद्रोही तत्वों के साथ संबंधों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया है। यह मामला राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत गंभीर है। [1]
महिला की गिरफ्तारी के बाद आतंकी लिंक और उसकी संदिग्ध गतिविधियों ने सबको चौंका दिया है। महिला आतंकी लिंक का खुलासा होने के बाद एटीएस की टीमें गहन जांच में जुटी हैं। उसके मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एटीएस के अनुसार, उसके पास से दो सिम कार्ड बरामद किए गए हैं और उसके फेसबुक अकाउंट पर आपत्तिजनक सामग्री पाई गई है। उसके फ्रेंड लिस्ट में विदेशी प्रोफाइल और चरमपंथी संगठनों से जुड़े लिंक भी बड़ी संख्या में मौजूद पाए गए हैं।
उसके फेसबुक प्रोफाइल पर कई ऐसे अकाउंट्स और तस्वीरें मौजूद हैं, जिनमें सशस्त्र आतंकियों जैसी सामग्री और झंडे दिखाई दे रहे हैं। ये सबूत उसकी संदिग्ध विचारधारा को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि उसका व्हाट्सएप नेटवर्क काफी संदिग्ध था। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, उसने कई पाकिस्तानी नंबरों के साथ संवाद किया था। संपर्क सूची में मौजूद कई नंबरों का सीधा संबंध आतंकी ऑपरेटरों से होने की प्रबल आशंका खुफिया सूत्रों ने जताई है।
महिला आतंकी लिंक का खुलासा होने के बाद इस पूरे मामले की कड़ियाँ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया है कि उसने पाकिस्तान स्थित एक मुफ्ती के माध्यम से फोन पर ही इस्लाम धर्म अपना लिया था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि उसके हैंडलर्स उसे किसी भी तरह पाकिस्तान बुलाने की योजना बना रहे थे। एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था जो देश की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता था।
एटीएस ने महिला को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। सोमवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 27 जून तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है। महिला आतंकी लिंक का खुलासा होने के बाद अदालत ने सुरक्षा एजेंसियों को कड़ाई से पूछताछ करने के निर्देश दिए हैं ताकि उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके।
एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
"खुफिया जानकारी के आधार पर हमने संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त महिला को हिरासत में लिया है और आगे की पूछताछ जारी है।"
एटीएस अब इस मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उसके डिजिटल नेटवर्क को खंगालने का कार्य कर रही है। एटीएस की विशेष टीम उसके फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से हुए उन सभी संपर्कों का विश्लेषण कर रही है, जो पाकिस्तान या अन्य विदेशी देशों में बैठे हैंडलर्स से संबंधित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की भी संभावना है, क्योंकि इस केस की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी सफलता मान रही हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। आरोपित महिला से संबंधित मामले में जांच प्रक्रिया न्यायालय के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।