वैश्विक स्तर पर एआई बूम और चिप उद्योग की तेजी ने दक्षिण कोरिया के चिप निर्माताओं के कर्मचारियों को शादी के बाजार में सबसे पसंदीदा वर्ग में लाकर खड़ा कर दिया है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
सियोल, दक्षिण कोरिया। दुनिया भर में छाई कृत्रिम मेधा यानी एआई की लहर ने दक्षिण कोरिया के प्रमुख चिप निर्माता सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के कर्मचारियों की सामाजिक स्थिति पूरी तरह बदल दी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एआई बूम और चिप उद्योग में आई इस अभूतपूर्व तेजी ने इन कंपनियों में कार्यरत लोगों को डॉक्टरों और वकीलों जैसे पारंपरिक एलीट पेशेवरों के समकक्ष दर्जा दिला दिया है। मैचमेकिंग फर्मों का कहना है कि अब इन चिप दिग्गजों के कर्मचारियों को विवाह बाजार में ए+ ग्रेड का उम्मीदवार माना जा रहा है।
सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियों में मिल रहे भारी परफॉरमेंस बोनस ने वहां के कर्मचारियों को एक नए संपन्न वर्ग के रूप में स्थापित किया है। मैचमेकिंग एजेंसी के सीईओ सोन डोंग-ग्यू के अनुसार, जो कर्मचारी पहले औसत श्रेणी में गिने जाते थे, वे अब एआई बूम और चिप उद्योग की बदौलत शीर्ष श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यह सामाजिक बदलाव इस बात का प्रमाण है कि चिप क्षेत्र में काम करना अब युवाओं के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
यह चिप फेनफेयर दक्षिण कोरिया के युवाओं की शैक्षणिक राह को भी तेजी से नया आकार दे रहा है। एआई बूम और चिप उद्योग के इस बढ़ते प्रभाव के कारण छात्र अब चिकित्सा के अलावा सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग को करियर की पहली पसंद बना रहे हैं। 19 वर्षीय छात्र जंग सुंग-चान ने बताया कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में चिप इंजीनियर के रूप में नौकरी का प्रस्ताव पाकर उसके मित्र भी ईर्ष्या महसूस करते हैं, क्योंकि आज के समय में यह सबसे सुरक्षित करियर विकल्प है।
इस नई प्रवृत्ति पर करियर सलाहकार पार्क जून-यंग ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा:
"सैमसंग और एसके हाइनिक्स में शामिल होने की प्रतिस्पर्धा तीव्र हो गई है। यह स्थिति अब लगभग कॉलेज प्रवेश परीक्षा की दौड़ जैसी ही प्रतीत होने लगी है"।
कोरिया विश्वविद्यालय और एसके हाइनिक्स द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की प्रवेश कट-ऑफ इस वर्ष ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। प्रोफेसर ली ह्युंग-मिन का मानना है कि एआई बूम और चिप उद्योग को अंततः वह सम्मान मिल रहा है जिसका वह हकदार है, क्योंकि दक्षिण कोरिया का 40 फीसदी से अधिक निर्यात इन्हीं चिप्स पर निर्भर करता है। [1]
दक्षिण कोरिया में युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी की चिंताओं के बीच, एआई बूम और चिप उद्योग से जुड़ी नौकरियां एक सुरक्षित भविष्य का वादा करती हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में बेरोजगारी दर बढ़ने के बावजूद इन चिप दिग्गजों के कर्मचारियों को आर्थिक रूप से काफी सुरक्षित माना जा रहा है। मैचमेकिंग सलाहकार ली सुंग-मी का कहना है कि चिप सेक्टर का यह सुनहरा दौर अभी अगले दो से तीन वर्षों तक जारी रहने की पूरी उम्मीद है, जो इस क्षेत्र की लोकप्रियता को और ऊंचाई देगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। सेमीकंडक्टर उद्योग एवं श्रम बाजार में बदलाव वैश्विक आर्थिक स्थितियों के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।