राजस्थान

इंटर्न डॉक्टर्स के लिए नई राज्य कार्यकारिणी का गठन

मेडिकल इंटर्न डॉक्टर्स के अधिकारों की नई लड़ाई शुरू हो गई है। अरिदा ने नई कार्यकारिणी गठित कर स्टाइपेंड और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी की है।

By अजय त्यागी 1 min read
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SPMC प्राचार्य को सूचना देते सदस्यगण

बीकानेर/जयपुर, राजस्थान। ऑल राजस्थान इंटर्न डॉक्टर्स एसोसिएशन (ARIDA) ने सत्र 2026-27 के लिए अपनी नई राज्य कार्यकारिणी समिति के विधिवत गठन की आधिकारिक घोषणा की है। संगठन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के हजारों मेडिकल इंटर्न्स के अधिकारों, उनके आत्म-सम्मान एवं समग्र कल्याण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी प्रमुख उद्देश्य के साथ राज्य कार्यकारिणी का तत्काल प्रभाव से गठन किया गया है। यह नई टीम मेडिकल इंटर्न्स के हितों की रक्षा के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य करेगी, जो लंबे समय से चली आ रही उनकी विभिन्न मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगी।

इंटर्न डॉक्टर्स की इस नवगठित कार्यकारिणी में बीकानेर एसपी मेडिकल कॉलेज के डॉ. विकास सहारण को प्रदेश अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा एसएमएस जयपुर से डॉ. विकास कटारिया को उपाध्यक्ष, जोधपुर से डॉ. प्रवीण बिश्नोई को राज्य समन्वयक तथा अजमेर के मेडिकल कॉलेज से डॉ. रोहित चंदवानी को महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों से जुड़े अन्य प्रतिनिधियों को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि प्रदेश भर के इंटर्न्स के मुद्दों को एकीकृत तरीके से उठाया जा सके।

संगठन का लक्ष्य

अरिदा ने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए बताया कि आगामी कार्यकाल में संगठन का पूरा फोकस मेडिकल इंटर्न डॉक्टर्स से जुड़े उन महत्वपूर्ण मुद्दों पर रहेगा जो उनके दैनिक कार्यजीवन को प्रभावित करते हैं। इनमें इंटर्नशिप स्टाइपेंड में महंगाई के अनुरूप उचित वृद्धि, ड्यूटी घंटों का कड़ाई से विनियमन, मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा तिथियों का बेहतर समन्वय, अनुचित शुल्क संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान तथा कार्यस्थल पर पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। संगठन का मानना है कि मेडिकल इंटर्न्स की ये मांगें न केवल जायज हैं, बल्कि इनके समाधान के बिना चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

संगठन ने जोर देकर कहा कि बढ़ती महंगाई और मेडिकल इंटर्न्स के पेशेवर योगदान को देखते हुए स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी की मांग करना उनका अधिकार है। साथ ही, अत्यधिक कार्यभार और लंबे ड्यूटी घंटों को नियंत्रित करने के लिए एक मानकीकृत कार्य व्यवस्था लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। अरिदा का मानना है कि राजस्थान के मेडिकल इंटर्न्स के अधिकारों की नई लड़ाई तभी सफल हो सकती है जब राज्य भर के इंटर्न चिकित्सक एकजुट होकर संगठन की नीतियों का समर्थन करें और अपनी आवाज को बुलंद करें।

पैरवी और अधिकार

"संगठन ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को इंटर्न्स ने शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी इंटर्न्स के हितों की प्रभावी पैरवी करेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगी।"

अरिदा ने राज्यभर के सभी मेडिकल इंटर्न्स से संगठन के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर सहयोग करने का आह्वान किया है। संगठन का यह संकल्प है कि राजस्थान के मेडिकल इंटर्न्स के अधिकारों की लड़ाई में यह कार्यकारिणी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे इंटर्नशिप के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर कर चिकित्सा क्षेत्र में एक बेहतर और सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसी एवं स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। चिकित्सा संगठनों एवं इंटर्नशिप से जुड़ी समस्याओं का अंतिम समाधान विभागीय नियमों एवं सरकारी नीति के अधीन है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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