निर्जला एकादशी पर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में अन्नदान शिविर का आयोजन किया जिसमे मरीजों और जरूरतमंदों को भोजन और शीतल पेय की सेवा दी।
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने किए सेवा कार्य
बीकानेर, राजस्थान। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए), बीकानेर द्वारा पीबीएम अस्पताल परिसर स्थित ओल्ड पीजी हॉस्टल के सामने निःस्वार्थ सेवा एवं समर्पण की भावना से प्रेरित होकर निःशुल्क अन्नदान एवं शीतल पेय वितरण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। दिनभर चले इस सेवा कार्य में अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों, अस्पताल आने वाले आमजन एवं जरूरतमंद लोगों को भरपेट भोजन एवं ठंडे पेय पदार्थ वितरित किए गए। रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा किए गए इस सेवा कार्य के माध्यम से अस्पताल परिसर में आने वाले लोगों को गर्मी के बीच बड़ी राहत पहुंचाई गई।
इस अवसर पर आरडीए के पदाधिकारियों एवं रेजिडेंट चिकित्सकों ने भगवान से पूरे प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की। आरडीए अध्यक्ष डॉ. सुखवीर ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर केवल चिकित्सा सेवा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों और मानवीय मूल्यों को भी भली-भांति समझते हैं। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर "नर सेवा ही नारायण सेवा" के आध्यात्मिक दर्शन को आत्मसात करते हुए यह सेवा शिविर आयोजित किया गया, जिससे जरूरतमंद लोगों को राहत और आवश्यक सहयोग मिल सके।
डॉ. सुखवीर ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सक का धर्म केवल रोगों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस आयोजन के माध्यम से आरडीए ने सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए मानव सेवा का एक प्रेरणादायी संदेश दिया है। रेजिडेंट डॉक्टर्स की इस मानवीय पहल में चिकित्सकों की भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि चिकित्सा के साथ मानवीय संवेदनाएं भी उनके कार्य का अभिन्न हिस्सा हैं।
संस्था के पदाधिकारियों ने आगे कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक सेवा कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने रेजिडेंट डॉक्टरों के इस कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण बताया। अस्पताल प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे मरीजों के परिजनों के लिए बहुत उपयोगी बताया। रेजिडेंट डॉक्टर्स द्वारा किए गए इस अन्नदान शिविर ने साबित कर दिया है कि डॉक्टरों का समर्पण चिकित्सालय की दीवारों से कहीं अधिक व्यापक है।
"निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर नर सेवा ही नारायण सेवा की भावना को आत्मसात करते हुए यह सेवा शिविर आयोजित किया गया, जिससे जरूरतमंद लोगों को राहत और सहयोग मिल सके। चिकित्सक का धर्म केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाना भी है।" - डॉ. सुखवीर, आरडीए अध्यक्ष
इस पुनीत कार्य में सभी रेजिडेंट चिकित्सकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने स्वयं मरीजों के परिजनों को भोजन परोसा और शीतल पेय का वितरण किया। इस सेवा शिविर ने न केवल लोगों की तात्कालिक आवश्यकता को पूरा किया, बल्कि डॉक्टरों और आमजन के बीच एक सकारात्मक रिश्ता भी कायम किया। आरडीए, बीकानेर का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी ऐसी सेवाओं का लाभ मिल सके और मानवता का यह कारवां निरंतर आगे बढ़ता रहे।