रेवदर महाविद्यालय में प्रवेश सीटों में वृद्धि हेतु एनएसयूआई ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उच्च अंक वाले विद्यार्थी भी प्रवेश पाने से वंचित रह गए हैं।
ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए
रेवदर, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। रेवदर स्थित सरकारी महाविद्यालय में प्रवेश से वंचित रह गए विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से गुरुवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं, आक्रोशित विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि महाविद्यालय में प्रवेश सीटों की संख्या में अविलंब वृद्धि की जाए। इस वर्ष उच्च अंकों के बावजूद अनेक योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिल पाने के कारण क्षेत्र के शैक्षणिक माहौल में भारी निराशा देखी जा रही है, जिसे दूर करना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।
कॉलेज इकाई उपाध्यक्ष राहुल पालीवाल ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र में 91 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले कई मेधावी विद्यार्थियों का भी प्रवेश नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थी 50 से 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर सिरोही महाविद्यालय में अध्ययन के लिए जाते हैं। सीटों की वर्तमान सीमित संख्या के कारण प्रवेश से वंचित रहने से इन विद्यार्थियों का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। लगातार सीटों की कमी से विद्यार्थियों में चिंता और शैक्षणिक भविष्य को लेकर गहरी निराशा बढ़ती जा रही है, जिसका समाधान प्रवेश सीटों में वृद्धि के बिना संभव नहीं है।
राहुल पालीवाल ने उपखंड अधिकारी से महाविद्यालय में सीट वृद्धि करवाने हेतु आवश्यक प्रशासनिक पहल करने का पुरजोर आग्रह किया है। इसके साथ ही एनएसयूआई के इकाई अध्यक्ष दशरथ मेघवाल और राहुल पालीवाल ने महाविद्यालय मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। विद्यार्थियों का कहना है कि महाविद्यालय के समय मार्ग पर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है, जिससे हर समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, अतः तत्काल यातायात सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों को राहत मिले।
विद्यार्थियों ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई कर प्रवेश सीटों में वृद्धि करने की पुरजोर मांग की है, ताकि क्षेत्र के योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े। इस दौरान एनएसयूआई इकाई अध्यक्ष दशरथ मेघवाल, दीपक मेघवाल, निकेश कुमार, नरेश कुमार, मुकेश कोली, महेन्द्र मेघवाल सहित अन्य कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वहीं प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों में नताशा प्रजापत, दिशा राजपूत, नीलम कंवर, लक्ष्मी कुमारी, भूमिका कुमारी, साधना, संध्या, पूजा कंवर एवं पूजा कुमारी सहित कई छात्राएं एवं उनके अभिभावक मौजूद रहे।
"महाविद्यालय मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है, ताकि सुरक्षित आवागमन हो सके। सीटों की सीमित संख्या के कारण प्रवेश से वंचित रहने पर विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है तथा उनमें चिंता और निराशा बढ़ रही है।" - राहुल पालीवाल, कॉलेज इकाई उपाध्यक्ष
प्रशासन के समक्ष रखी गई इन मांगों पर विद्यार्थियों ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा जताया है। यदि समय रहते इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट गहरा सकता है। अभिभावकों ने भी एक स्वर में कहा कि प्रशासन को विद्यार्थियों के हित में प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में कोई बाधा न आए। रेवदर महाविद्यालय से जुड़े इन मामलों पर अब उपखंड प्रशासन के रुख का सभी को इंतजार है ताकि छात्रों को राहत मिल सके और प्रवेश सीटों में वृद्धि हो सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। शैक्षणिक संस्थान में सीट वृद्धि एवं यातायात सुरक्षा संबंधी निर्णय पूर्णतः विभागीय नियमों एवं सरकारी नीति के अधीन हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।