क्रिप्टोकरेंसी निवेश में धोखाधड़ी का मामला आने पर पुलिस ने 12 आरोपियों को पकड़ा। बड़ी नकदी और वाहन बरामदगी के बाद पुलिस ने निष्पक्ष जांच तेज कर दी है।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
बंगलूरू, कर्नाटक। क्रिप्टोकरेंसी निवेश में धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति ने हाल ही में संजयनगर पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता अपने नए व्यवसाय के लिए आवश्यक उपकरण और कच्चा माल खरीदने की योजना बना रहा था। उसे किसी परिचित ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सामान सस्ते दामों पर मिल सकता है, बशर्ते भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया जाए। इस लालच में फंसकर पीड़ित ने यूएसडीटी ट्रेडिंग से जुड़ा एक व्हाट्सऐप ग्रुप ज्वाइन किया। इसी ग्रुप के माध्यम से जालसाजों ने उसे अपने विश्वास में फंसाया। [1]
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार एक आरोपी ने पीड़ित से संपर्क किया और उसके घर जाकर 2.50 लाख रुपये को सफलतापूर्वक यूएसडीटी में बदल दिया। इस प्रारंभिक और छोटे लेनदेन ने पीड़ित का भरोसा पूरी तरह जीत लिया। अगले दिन जब पीड़ित 17.64 लाख रुपये जैसी बड़ी राशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने के लिए तैयार हुआ तो आरोपियों ने उसे एक निर्धारित स्थान पर बुलाया। पीड़ित अपने सहयोगियों के साथ भारी नकदी लेकर पहुंचा, जहां जालसाजों ने उसे पूरी तरह से घेर लिया और बिना कोई क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर किए ही नकदी छीन ली।
जब पीड़ित और उसके साथियों ने नकदी छीनने का पुरजोर विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। एक समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपराधियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और नकदी लेकर वहां से फरार हो गए। इस गंभीर घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में तत्काल नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर अपनी जांच शुरू की। पुलिस ने छापेमारी कर शुरुआत में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्होंने घटना की पूरी पटकथा का खुलासा किया।
पूछताछ में आरोपियों ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश में धोखाधड़ी के अपने पूरे नेटवर्क और आठ अन्य सहयोगियों की संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए शेष आरोपियों को भी धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के पास से 13.90 लाख रुपये नकद, एक कार, छह दोपहिया वाहन और 13 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। न्यायालय ने चार मुख्य आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है ताकि पूरे मामले का भंडाफोड़ किया जा सके।
इस मामले में पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह गिरोह कब से सक्रिय था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी लोगों को सस्ता सामान देने का झांसा देकर फंसाते थे और फिर उन्हें क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर लूट लेते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग तकनीकी रूप से काफी सक्रिय थे और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजाने ऑनलाइन ग्रुप पर भरोसा न करें और लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।
अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी निवेश में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह अक्सर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो ऑनलाइन व्यापार में नए होते हैं। पुलिस ने बरामद किए गए मोबाइल फोनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके। अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक संगठित गिरोह था जो बहुत ही सोची-समझी साजिश के तहत काम कर रहा था। पुलिस का प्रयास है कि इस मामले में शामिल सभी अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। क्रिप्टोकरेंसी निवेश में धोखाधड़ी के इस मामले में जांच अभी जारी है और पुलिस अग्रिम कार्रवाई कर रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।