सरकार ने 76 नई नगर पालिकाओं का गठन किया जिससे अब निकायों की संख्या 385 हुई। प्रदेश में विकास कार्यों हेतु 684 नए पदों का सृजन किया गया, चुनाव से पहले बड़ा कदम।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
जयपुर, राजस्थान। सरकार ने निकाय चुनावों से पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए 76 नई नगर पालिकाओं के गठन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही राज्य में नगरीय निकायों की कुल संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। सरकार ने इन नई नगर पालिकाओं के कुशल संचालन और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 684 नए पदों को सृजित किए जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है। यह कदम राज्य के शहरीकरण की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। [1]
नई नगर पालिकाओं का गठन होने से चयनित जिलों को निकाय मिले हैं। इन क्षेत्रों में विभिन्न गांवों को नगर पालिका का दर्जा मिला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने और वहां की आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इनके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए निकायों का ऐलान किया गया है, जिससे वहां के निवासियों को अब सीधे शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
अनेक क्षेत्रों में नारायणपुर, मांढण, पलसाना, धौद, वजीरपुर, खंडार, देई, हिंडोली, रायपुर और मसूदा को नई नगर पालिका घोषित किया गया है। इसी तरह आहोर, सायला, मेडतारोड, रियाबाड़ी, लूणकरणसर, नापासर, सिणधरी, समदड़ी, मनिया, सेफ, सूरीठ और मंडरायल को भी नई नगर पालिका का दर्जा मिला है। पहाड़ी, वल्लभनगर, गोलूवाला, भीम, घडसाना, खाटू खुर्द, सुकेत, सीसवाली, सोजत रोड, साहवा, अरनोद और मंडार को नगर पालिका घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में शहरी विकास की गति को तेज करने के लिए सरकार ने विशेष प्राथमिकता दी है।
निकायों के संचालन हेतु प्रशासन ने विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है ताकि स्थानीय स्तर पर कोई बाधा न आए। प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग से बजट आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन नई नगर पालिकाओं के गठन से न केवल प्रशासनिक कार्य सुगम होंगे, बल्कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर के शहरों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम छोर तक पहुँच सकेगा और स्थानीय निकाय आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सरकार ने इन नई नगर पालिकाओं का गठन कर प्रशासनिक और तकनीकी स्टॉफ की नियुक्ति हेतु 684 पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। प्रत्येक नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी, सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ लेखाकार, स्वास्थ्य निरीक्षक, वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक के पद मंजूर किए गए हैं। इनके अलावा, इन सभी कार्यालयों में दो-दो कनिष्ठ सहायकों की भी नियुक्ति की जाएगी। सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश में पहले से गठित छह नगर पालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग व्यवस्था से संबंधित पूर्व स्वीकृति के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
इन निकायों के लिए पहले से स्वीकृत 54 पदों से जुड़ी व्यवस्था भी सरकार ने समाप्त कर दी है। राज्य में इस साल पंचायत और निकाय चुनाव संभावित हैं। एक समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय ने सरकार को 31 जुलाई तक इन चुनावों को पूरा करवाने के कड़े निर्देश दिए हुए हैं। ऐसे में सरकार का यह फैसला चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी कम होने की उम्मीद है, जो कि चुनावी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। नई नगर पालिकाओं का गठन से संबंधित इस मामले में सरकारी अधिसूचनाएं और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।