अंतरराष्ट्रीय

मौसम का मिजाज बदला, यूरोप में भीषण गर्मी के बाद तूफानी संकट की चेतावनी

रविवार को रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज होने के साथ ही यूरोप में भीषण गर्मी के चलते अकेले फ्रांस में करीब एक हजार लोगों की मौत हो चुकी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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यूरोप में भीषण गर्मी

पेरिस, फ्रांस। यूरोप के कई हिस्सों में रविवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में भीषण गर्मी के इस रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव के दौरान फ्रांस में 1000 से अधिक लोगों की अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। फ्रांसीसी सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि गर्मी से मरने वालों में अधिकांश बुजुर्ग शामिल हैं। केयर होम्स और निजी आवासों से मौतों के और विवरण मिलने के बाद इस आंकड़े में और बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि 20 जून से शुरू हुई यह हीटवेव यूरोप के इतिहास में अब तक की सबसे खराब स्थिति है। [विडियो]

इस भयानक मौसमी संकट के कारण बिजली उत्पादन ठप हो गया है, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और स्वास्थ्य प्रणालियां पूरी तरह चरमरा गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यूरोप में भीषण गर्मी के चलते वर्तमान में 150 मिलियन लोग अत्यधिक गर्मी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सचेत किया कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण एक पीढ़ी में एक बार होने वाली यह भीषण गर्मी अब हर साल सामने आ रही है, जिससे निपटने के लिए यूरोपीय घर और स्कूल पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। [1]

बुनियादी ढांचा प्रभावित

अत्यधिक ऊंचे तापमान के कारण ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, जर्मनी और पोलैंड में पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। जर्मनी के उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया राज्य में प्रमुख रेल लाइनों पर ट्रेनों का संचालन कम कर दिया गया है और लीपज़िग शहर में ट्राम सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी गई हैं। इसके साथ ही नदियों का जलस्तर घटने और पानी गर्म होने के कारण बिजली उत्पादन और कृषि के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हंगरी के पाक्स परमाणु ऊर्जा संयंत्र को कूलेंट के रूप में इस्तेमाल होने वाली डेन्यूब नदी का तापमान बढ़ने के कारण अपना उत्पादन घटाना पड़ा है।

इटली में पो नदी का बहाव घटने से समुद्र का खारा पानी 18 किलोमीटर तक अंदर आ गया है, जिससे दलदली भूमि और खेती को भारी खतरा पैदा हो गया है। इटली में कैबिनेट मंत्री यूजेनिया रोकेला के पति रोम से 70 किलोमीटर दूर लेक विको में तैरने के दौरान लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है। चेक गणराज्य के अधिकारियों ने लोगों को शारीरिक गतिविधियों से बचने की सलाह दी है क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण जमीनी ओजोन का स्तर बढ़ गया है, जिससे वहां स्मॉग की चेतावनी जारी करनी पड़ी है।

मौसम में बदलाव

यूरोप में भीषण गर्मी के साथ-साथ, फ्रांस के कुछ हिस्सों में शनिवार देर रात आए तेज तूफानों से तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन इस वजह से हजारों घरों की बत्ती गुल हो गई है। बिजली प्रदाता कंपनी एनेडिस के अनुसार, रविवार दोपहर तक उत्तरी और मध्य फ्रांस के करीब 36,000 घरों में बिजली आपूर्ति ठप थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में फ्रांस, जर्मनी और चेक गणराज्य में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे पश्चिमी यूरोप में मौसम कुछ ठंडा होगा।

फ्रांसीसी मौसम एजेंसी ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में भयंकर मौसमी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में अभी भी हीट एडवाइजरी लागू है। स्वास्थ्य मंत्री स्टेफ़नी रिस्ट ने स्थानीय मीडिया को बताया कि मौसम के सामान्य होने के बाद भी इस संकट का प्रभाव अगले 10 दिनों तक बना रह सकता है। उन्होंने साफ किया है कि यह ऐतिहासिक रूप से दर्ज की गई यूरोप में भीषण गर्मी का दौर अभी पूरी तरह से टला नहीं है और लोगों को लगातार सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। अत्यधिक गर्मी और लू के दौरान स्थानीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और मौसम की चेतावनियों का कड़ाई से पालन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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