विद्युत उपकेंद्र में बंदरों के कारण अचानक भीषण आग लग गई जिससे कैपेसिटर जल गए और क्षेत्र के दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
आग बुझाते दमकलकर्मी
बागपत, उत्तर प्रदेश। अमीनगर सराय कस्बे में स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र में मंगलवार को अचानक उस समय भारी अफरातफरी मच गई जब बंदरों की वजह से वहां लगे कैपेसिटर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते यह आग इतनी तेजी से फैली कि कैपेसिटर में लगे 24 कैप्सूल धू-धूकर जलने लगे और आसमान में धुएं का गुबार छा गया जिसे देखकर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इस भीषण हादसे के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। [विडियो]
हादसे की सूचना तुरंत सराय चौकी पर तैनात फायर ब्रिगेड को दी गई जिसके बाद दकमल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार यदि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं तो आग बिजलीघर की अन्य मशीनों तक फैल सकती थी जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था। इस अग्निकांड के कारण पावर कारपोरेशन को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई जिसे सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
अचानक लगी इस भयंकर आग के कारण क्षेत्र के कई गांवों की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है जिससे भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और नुकसान का सटीक आकलन करने के साथ ही आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुट गए हैं। विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। [1]
इस दुर्घटना के बाद अमीनगर सराय कस्बे के अंतर्गत आने वाले दर्जनभर से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है जिससे ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में हजुराबाद गढ़ी, बुढसैनी, बिलोचपुरा, तेडा, मवीकलां, रामनगर, सैडभर, सिंघावली अहीर, ग्वालीखेड़ा, अमीनगर सराय, बरसिया, किंडोरा और लुहारा शामिल हैं। इन सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से हाहाकार मचा हुआ है और लोग जल्द से जल्द सुधार की मांग कर रहे हैं।
"अमीनगर सराय स्थित 132 केवी बिजलीघर में बंदरों की गतिविधियों के कारण आग लग गई। इससे कैपेसिटर, मशीन और विद्युत लाइन को भी नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारण इससे जुड़े गांवों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। क्षतिग्रस्त हुई लाइनों व जल गए कैपेसिटर को बदलवाया जा रहा है।" — अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र, पावर कारपोरेशन
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीमों को काम पर लगा दिया गया है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। आग से नष्ट हुए उपकरणों को बदलने में थोड़ा समय लग रहा है लेकिन प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हुई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की योजना बनाई गई है जिससे ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सकेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी तरह के बिजली संकट या फॉल्ट के समय विद्युत उपकरणों से उचित दूरी बनाए रखें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।