करनाल में गोल्डी बराड़ गैंग के पांच शूटरों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद कर पुलिस ने बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
करनाल, हरियाणा। जिला पुलिस ने कुटेल बाइपास के पास एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े पांच खतरनाक गुर्गों को दबोच लिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन बदमाशों की गिरफ्तारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है क्योंकि इनके पास से भारी असलहा मिलना एक बड़ी साजिश को दर्शाता है। [1]
सीआईए वन के प्रभारी संदीप कुमार ने इस बड़ी सफलता की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम उनतीस जून को कुटेल बाइपास के पास मुस्तैद थी। इसी दौरान गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि कुछ कुख्यात अपराधी अवैध हथियारों की बड़ी खेप के साथ इस रास्ते से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से नाकेबंदी की और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर पांच बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
इस पूरी घेराबंदी के दौरान परमीत नामक एक अन्य शातिर अपराधी पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपियों के पास से आठ अवैध पिस्टल और तीस जिंदा कारतूस सहित एक संदिग्ध गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान पवन, जतिन, राहुल, नवदीप और कपिल के रूप में हुई है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गैंग का सरगना पूर्व एमसी पवन है जो वर्ष 2013 में कलानौर में पार्षद रह चुका है। पवन की वर्ष 2017 से अवतार कालिया नामक व्यक्ति के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी दुश्मनी के चलते पवन अपने साथियों के साथ मिलकर अवतार कालिया की हत्या करने की पूरी योजना तैयार कर चुका था जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
इसके अतिरिक्त इन अपराधियों का नेटवर्क पड़ोसी राज्य पंजाब तक फैला हुआ था जहाँ ये सभी चंदू फिरोजपुरिया नामक शख्स को मौत के घाट उतारने की फिराक में थे। पुलिस की समय पर हुई इस बड़ी कार्रवाई की वजह से दोनों राज्यों में होने वाली गंभीर हत्या की वारदातें टल गईं। इन आरोपियों को हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर आकाश को भी पुलिस ने खरखौदा से दबोच लिया है।
गिरफ्तार किए गए इन शातिर अपराधियों के तार सीधे तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े हुए मिले हैं। जांच के अनुसार मनीष और अमर नाम के दो सजायाफ्ता अपराधियों के माध्यम से इन स्थानीय लड़कों का संपर्क मुख्य गैंग से हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मनीष पहले से ही एक डबल मर्डर केस में दोषी है जबकि अमर पैरोल मिलने के बाद फरार चल रहा है।
सभी पकड़े गए अपराधियों को स्थानीय अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस को इनके पास मौजूद अन्य हथियारों के ठिकानों और आने वाले समय में होने वाली संभावित वारदातों के विषय में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने की पूरी उम्मीद है जिससे बदमाशों की गिरफ्तारी का दायरा बढ़ सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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