उरमूल डेयरी बीकानेर में सहकार सप्ताह के तहत आयोजित दुग्ध उत्पादक दिवस पर सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले पशुपालकों का भव्य सम्मान हुआ।
दुग्ध उत्पादकों का सम्मान
बीकानेर, 1 जुलाई। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में मनाए जा रहे "सहकार सप्ताह" के अंतर्गत बुधवार को उत्तरी राजस्थान सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड यानी उरमूल डेयरी बीकानेर के परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष उत्सव के दौरान जिले भर के ग्रामीण अंचलों से आए प्रगतिशील किसानों की मेहनत को सराहने के उद्देश्य से "दुग्ध उत्पादक सम्मान दिवस" का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया, जिससे पशुपालकों में भारी उत्साह देखा गया।
इस दौरान आयोजित हुए भव्य समारोह में जिले के प्रगतिशील दुग्ध उत्पादकों को गाय के सुंदर मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में दुग्ध संकलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और पारदर्शी कार्य करने वाली विभिन्न ग्राम स्तरीय दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं कर्मठ सचिवों को भी मंच से विशेष प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा गया, ताकि सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उरमूल डेयरी बीकानेर के प्रबंध निदेशक बाबूलाल बिश्नोई ने सभी प्रगतिशील किसानों को बधाई दी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह के सामने दुग्ध उत्पादकों को श्वेत क्रांति और इस पूरे डेयरी आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण व रीढ़ की हड्डी वाली कड़ी बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बीकानेर के स्थानीय किसानों की दिन-रात की कड़ी मेहनत और आपसी सहकारिता की मजबूत भावना ने ही आज उरमूल ब्रांड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
प्रबंध निदेशक ने किसानों के कल्याण की बात करते हुए कहा कि सरकार और वर्तमान डेयरी प्रबंधन का एकमात्र मुख्य उद्देश्य ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों की आय में निरंतर और रिकॉर्ड वृद्धि करना है। इसके लिए उन्होंने पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रमों और बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं से जोड़ने का भरोसा दिया, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन की लागत को कम करके मुनाफा दोगुना किया जा सके।
समारोह के अगले मुख्य वक्ता उप रजिस्ट्रार शिशुपाल सिंह ने उरमूल डेयरी की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमारे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दुग्ध उत्पादक किसान ही इस संस्थान की असली पूंजी हैं। ऐसे परिश्रमी अन्नदाताओं का सामूहिक रूप से सम्मान करना पूरे विभाग के लिए परम गौरव का विषय है। सहकारिता के सिद्धांतों के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने आगे कहा कि उरमूल डेयरी बीकानेर सदैव दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा करने, उनकी आर्थिक आय बढ़ाने और सुचारू रूप से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा से तत्पर रहता है। इसके पश्चात उप रजिस्ट्रार शिशुपाल सिंह एवं पीडीयूआई के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार दाधीच ने संयुक्त रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। इस भव्य समारोह में उरमूल डेयरी के सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार रिपोर्ट उरमूल डेयरी बीकानेर द्वारा आयोजित दुग्ध उत्पादक सम्मान दिवस के आधिकारिक विवरण पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सार्वजनिक सूचना और सहकारिता जागरूकता के उद्देश्य से किया गया है। दुग्ध संकलन दरों, सरकारी अनुदानों, बोनस अथवा डेयरी की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रामाणिक व नवीनतम जानकारी के लिए कृपया उरमूल डेयरी के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय या अपनी स्थानीय दुग्ध समिति से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।