कतर वार्ता के सकारात्मक संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें औंधे मुंह गिरीं जिसमें पिछले चार महीनों का सबसे निचला स्तर देखा गया।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
सिंगापुर। कतर द्वारा ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता में प्रगति की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गुरुवार को लगभग एक प्रतिशत तक गिर गईं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार यह लगातार तीसरा दिन है जब तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इस कूटनीतिक बातचीत का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य रहा है जहां से युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता था। कतर के इस दावे के बाद बाजार में आपूर्ति सुधरने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। [1]
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है कि इस वार्ता के दौरान जून में युद्ध रोकने वाले ज्ञापन से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति देखी गई है। हालांकि राजनयिक स्तर पर इस कूटनीतिक सुधार के बाद भी इस बात के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं कि दोनों देश किसी स्थायी शांति समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। इस अनिश्चितता के बावजूद तेल के वैश्विक सूचकांकों में गिरावट का रुख साफ तौर पर देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 77 सेंट यानी 1.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी 84 सेंट यानी 1.2 प्रतिशत टूटकर 67.74 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में भी इन दोनों ही बेंचमार्क में एक प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई थी जिसके बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें पिछले चार महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं।
हैतोंग फ्यूचर्स ने अपनी एक शोध रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलमार्ग के खुले रहने और वहां से कच्चे तेल की निरंतर निकासी होने के कारण बाजार में अब ओवरसप्लाई यानी अत्यधिक आपूर्ति की उम्मीदें बढ़ रही हैं। इस स्थिति के चलते प्रमुख उत्पादक देशों के बीच बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की होड़ शुरू हो गई है जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे की ओर धकेल रही है। इसके साथ ही ओपेक प्लस देशों द्वारा अगस्त से उत्पादन बढ़ाने के फैसले पर भी बाजार की नजर है।
स्विस बैंक यूबीएस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस हालिया सहमति पत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल शिपिंग में हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए ब्रेंट क्रूड के अपने मूल्य पूर्वानुमानों में बड़ी कटौती की है। बैंक ने सितंबर तिमाही के लिए अपने औसत ब्रेंट मूल्य अनुमान में 25 डॉलर और दिसंबर तिमाही के लिए 10 डॉलर की कमी की है। वित्तीय संस्थान का अनुमान है कि वर्ष की दूसरी छमाही में ब्रेंट क्रूड का औसत 80 डॉलर और वर्ष 2027 में 75 डॉलर प्रति बैरल रहेगा।
हालांकि यूबीएस ने यह भी आगाह किया है कि बाजार में तेल आपूर्ति की स्थिति को पूरी तरह सामान्य मान लेना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि फारस की खाड़ी में आने वाले खाली टैंकरों की संख्या वहां से बाहर जाने वाले भरे हुए टैंकरों की तुलना में काफी कम है। इस बीच कतर के विदेश मंत्रालय ने सूचित किया है कि ईरान और अमेरिका के वार्ताकारों के बीच अगले दौर की बैठक ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के 9 जुलाई को होने वाले अंतिम संस्कार के बाद आयोजित की जाएगी जहां वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें पुनः प्रभावित हो सकती हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। तेल बाजार के कमोडिटी व्यापार और कीमतों में होने वाले आर्थिक उतार-चढ़ाव के संबंध में किसी भी निवेश से पूर्व आधिकारिक वित्तीय विश्लेषकों से परामर्श अवश्य लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।