राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली कोटा की एक सामाजिक संस्था को राज्य सरकार द्वारा प्रतिष्ठित भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया है।
प्रतिष्ठित भामाशाह सम्मान
कोटा/जयपुर, राजस्थान (राहुल पारीक)। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित भामाशाह सम्मान समारोह में कोटा की सामाजिक संस्था 'राउंड टेबल इंडिया, टेबल-281' को प्रतिष्ठित भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने टेबल-281 के चेयरमैन सिद्धार्थ पोद्दार, मुदित गोयल तथा एरिया चेयरमैन धर्मवीर पंड्या को मंच पर यह गौरवपूर्ण पुरस्कार प्रदान किया।
इस भव्य आयोजन में राज्यभर के 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों एवं प्रवासी भारतीय (एनआरआई) दानदाताओं को शिक्षा के क्षेत्र में उनके मुख्य योगदान के लिए मंच से सराहा गया।
कोटा राउंड टेबल-281 को यह प्रतिष्ठित भामाशाह सम्मान विभिन्न सरकारी विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दिया गया है। संस्था ने सरकारी स्कूलों में 08 नए क्लासरूम (कक्षाओं) का निर्माण करवाया है, जिस पर लगभग 45 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। इस विकास कार्य से ग्रामीण और वंचित वर्ग के सैकड़ों विद्यार्थियों को आधुनिक व बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सम्मान ग्रहण करने के बाद संस्था के चेयरमैन सिद्धार्थ पौद्दार ने अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया।
"राउंड टेबल-281 का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में आधारभूत शैक्षणिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना है, ताकि प्रत्येक वर्ग के विद्यार्थी को पढ़ाई के लिए एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो सके। यह सम्मान हमारे प्रयासों को और गति देगा।" — सिद्धार्थ पौद्दार, चेयरमैन (टेबल-281)
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राज्य स्तरीय सम्मानों से समाज में दानदाताओं और सामाजिक संस्थाओं को सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की प्रेरणा मिलती है। संस्था के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अपने सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट शिक्षा विभाग की आधिकारिक विज्ञप्ति और समारोह में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। पुरस्कारों की पात्रता, संस्थागत विवरण और सरकारी आंकड़ों की अद्यतन स्थिति के लिए केवल राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।