राजस्थान

पशुआहार की सुलभता से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन, किसान होंगे समृद्ध

कोटा के उलेड़ा में महिला दुग्ध समिति के नए डिपो से पशुआहार की सुलभता सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालक सशक्त होंगे।

By अजय त्यागी 1 min read
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नए पशु आहार डिपो की शुरुआत

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहाँ उलेड़ा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के नए पशु आहार डिपो की शुरुआत की गई है। इस केंद्र का उद्घाटन कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने समिति की सचिव कांतीबाई एवं अध्यक्ष राकेशबाई के नेतृत्व में मुख्य अतिथि का साफा पहनाकर एवं पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

समय और खर्च की बचत

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कहा कि गांव में ही यह सुविधा मिलने से पशुपालकों को काफी सहूलियत होगी। अब उन्हें पशु आहार खरीदने के लिए कोटा या अन्य दूरदराज के शहरों तक नहीं भटकना पड़ेगा। पशुआहार की सुलभता से उनके समय और परिवहन पर होने वाले भारी खर्च की सीधी बचत होगी।

"सहकारी समितियां केवल दूध संग्रहण तक सीमित नहीं हैं। पशुपालकों को आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक उन्नति करना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इस नए केंद्र से उलेड़ा सहित आसपास के कई गांवों के पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।" — चैनसिंह राठौड़, अध्यक्ष (कोटा-बूंदी दुग्ध संघ)

सशक्त होगा पशुपालक

समारोह में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुआहार की सुलभता से न केवल मवेशियों को समय पर सही पोषण मिलेगा, बल्कि इससे दुग्ध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जब पशुपालक को घर के पास ही उच्च गुणवत्ता वाला आहार मिलेगा, तो उसकी लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। पशुआहार की सुलभता ही अंततः हमारे ग्रामीण पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का आधार बनेगी।

मुफ़्त ज्वार बीज का वितरण

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए कोटा-बूंदी दुग्ध संघ द्वारा एक और कल्याणकारी कदम उठाया गया। अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने उलेड़ा दुग्ध उत्पादक समिति से जुड़े 23 से अधिक पशुपालकों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम ज्वार बीज का निःशुल्क वितरण किया। उन्होंने किसानों से उन्नत चारा उत्पादन तकनीक अपनाने की अपील करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण हरा चारा पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन क्षमता दोनों को बढ़ाने के लिए बेहद आवश्यक है।

इस महत्वपूर्ण ग्रामीण कार्यक्रम में कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक दिलशुख मीणा, जय सिंह राठौड़, बलराज सिंह राठौड़, रोशन जाट सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील दुग्ध उत्पादक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। समारोह के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उलेड़ा महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम और पदाधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। समिति की आगामी योजनाओं, बीज वितरण और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति के लिए केवल कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम आधार मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।

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