सिंहपुर थाना क्षेत्र के गाजीपुर देवी मंदिर में चोरी की इस दूसरी बड़ी वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वो लकड़ी के अवशेष जिन पर से चांदी उतारी गई
सतना, मध्य प्रदेश। सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर के समीप स्थित ऐतिहासिक गाजीपुर देवी मंदिर में एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने इस पावन स्थल को निशाना बनाते हुए इस बार करीब 25 किलो से अधिक चांदी की नक्काशी पार कर दी है। इस लगातार दूसरी घटना ने न केवल स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष पैदा कर दिया है। गाजीपुर देवी मंदिर में चोरी की बार-बार हो रही इन आपराधिक घटनाओं से लोग बेहद आहत हैं। [1]
ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक महीने पहले भी इसी गाजीपुर देवी मंदिर में चोरों ने बड़ी मात्रा में चांदी चोरी की थी। उस समय सिंहपुर पुलिस ने आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर जांच तो शुरू की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ सका।
पुलिस की इसी ढीली कार्रवाई का फायदा उठाते हुए बदमाशों ने दोबारा इसी मंदिर को निशाना बनाया। गाजीपुर देवी मंदिर में चोरी की इस वारदात में बदमाश गर्भगृह में बची हुई चांदी की पूरी नक्काशी भी उखाड़कर ले गए, जिससे पुलिस गश्त की पोल खुल गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहली घटना के बाद गाजीपुर देवी मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि पहली चोरी के आरोपियों को समय रहते पकड़ लिया जाता, तो इस दूसरी घटना को आसानी से रोका जा सकता था।
गाजीपुर देवी मंदिर में चोरी की इस पुनरावृत्ति से अब पूरे ग्रामीण इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। लोग अब अपने मुख्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन के खिलाफ उनका गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने का कड़ा निर्णय लिया है। वे अधिकारियों के सामने गाजीपुर देवी मंदिर में चोरी का शीघ्र खुलासा करने, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और मंदिर परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग रखेंगे।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले में जल्द ही कोई सख्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपनी मांगों को लेकर उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट आधिकारिक पुलिस बयानों और स्थानीय स्तर पर दर्ज प्राथमिकी के तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सामान्य सूचना और जन-जागरूकता के उद्देश्य से किया गया है। कानूनी मामलों और सुरक्षा संबंधी अंतिम अपडेट के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रामाणिक मानें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक या प्रकाशक उत्तरदायी नहीं हैं।