भीलवाड़ा में मानसून की पहली बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। तेज बरसात के कारण नगर निगम की प्री-मानसून सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है।
मानसून की पहली बारिश में जलभराव
भीलवाड़ा, राजस्थान। मानसून की पहली ही तेज बारिश ने शुक्रवार अल सुबह भीलवाड़ा शहर को पूरी तरह तरबतर कर दिया। सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं, बादलों की गड़गड़ाहट तथा कड़कती बिजली के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक हुई तेज बारिश ने शहर के जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस से परेशान शहरवासियों के लिए मानसून की पहली बारिश भारी राहत लेकर आई, लेकिन दूसरी ओर नगर निगम के प्री-मानसून सफाई के दावों की पहली ही बारिश में पोल खुल गई।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे संजय कॉलोनी स्थित श्री चारभुजा नाथ मंदिर पर आकाशीय बिजली गिर गई। तेज धमाके से आसपास के लोग सहम गए। इस घटना में मंदिर के गुंबद को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि घटना सुबह के समय हुई और उस समय मंदिर में अधिक भीड़ नहीं होने से कोई जनहानि नहीं हुई। बड़ा हादसा टलने पर मंदिर प्रबंधन और स्थानीय श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए।
साथ ही संजय कॉलोनी क्षेत्र में सुबह विद्युत पोल के करंट से गौवंश झुलस गए जिससे लोगों ने आक्रोश प्रकट किया। सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया। बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ढीले जंपर को सही किया। स्थानीय लोगों ने मानसून की पहली बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों की नियमित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सफाई के नाम पर लाखों-करोड़ों के बजट का उपयोग करने के बावजूद जल भराव की समस्या खड़ी हो गई।
तेज बारिश के बाद शहर के विभिन्न रेलवे अंडरब्रिज पानी से पूरी तरह लबालब हो गए। अंडरब्रिज में पानी भरने से दोनों तरफ के रास्ते बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मारुति कॉलोनी बायस्कॉप के सामने स्थित रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर प्रदर्शन किया। कई वाहन चालक जान जोखिम में डालकर गहरे पानी से वाहन निकालते नजर आए, बल्कि कई लोग मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार करते दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकती है और प्रशासन को इस दिशा में स्थायी समाधान निकालना चाहिए। मानसून की पहली बारिश ने एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर शहर की जल निकासी व्यवस्था, प्री-मानसून तैयारियों और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। निगम प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि जंबो टीमें और बड़े पैमाने पर संसाधन लगाकर छोटे-बड़े नालों की मुस्तैद सफाई कर दी गई है।
बारिश के बाद रामद्वारा रोड, रोडवेज बस स्टैंड, बीएसएनएल ऑफिस रोड, शास्त्री नगर, बडला चौराहा और पुराने भीलवाड़ा के प्रमुख बाजारों सहित कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया और कचरा तैरने लगा, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह थी कि बारिश बंद होने के करीब एक घंटे बाद तक कई इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिससे नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार भीलवाड़ा का अधिकतम तापमान बत्तीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छब्बीस डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मानसून की पहली बारिश के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी बारिश से पहले प्रशासन और नगर निगम क्या ठोस कदम उठाते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। मौसम के खराब होने या भारी जलभराव के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।