भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शनिवार को वन विभाग के एक क्षेत्रीय वन अधिकारी और उनके विभागीय वाहन चालक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
झालावाड़, राजस्थान। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी और उनके विभागीय सरकारी वाहन के चालक को पंद्रह हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। एसीबी की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से पूरे वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस सफल कार्रवाई का नेतृत्व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो झालावाड़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत द्वारा किया गया। [1]
ब्यूरो से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार एसीबी की टीम ने क्षेत्रीय वन अधिकारी विक्रम रेगर और विभागीय सरकारी गाड़ी के चालक फिरोज को पंद्रह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही ट्रैप किया है। इन दोनों ही आरोपियों पर यह गंभीर आरोप है कि वे क्षेत्र में चलने वाली गाड़ियों को वन विभाग से संबंधित आवश्यक अनुमति देने तथा पास जारी कराने के बदले बंधी के रूप में मासिक रिश्वत की मांग कर रहे थे।
इस भ्रष्टाचार के संबंध में रायपुर के एक स्थानीय व्यापारी ने दोनों अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने की लिखित शिकायत ब्यूरो के कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आरोपों का पूरी तरह से गोपनीय सत्यापन कराया और शिकायत सही पाए जाने पर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर इस ट्रैप की कार्रवाई को सफलता के साथ अंजाम दिया।
तय की गई रणनीति के अनुसार झालावाड़ के मामा भांजा क्षेत्र में स्थित वन विभाग के कार्यालय में जैसे ही परिवादी व्यापारी ने आरोपियों को तय रकम सौंपी, वैसे ही पहले से तैयार टीम ने छापा मार दिया। रिश्वत की राशि बरामद करने के साथ ही मौके पर मौजूद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने दोनों ही आरोपियों को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया।
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— INDIA NEWS RAJASTHAN (@raj_indianews) July 4, 2026
झालावाड़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने वन विभाग में की कार्रवाई,
क्षेत्रीय वन अधिकारी गश्तीदल विक्रम रैगर व ड्राइवर फिरोज को 15000 रूपए की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार,
लकड़ी व्यपारियो के ट्रेक्टर पास कराने@AcbRajasthan pic.twitter.com/oNn14N1Nyx
एसीबी झालावाड़ के पुलिस निरीक्षक साजिद खान ने बताया कि एएसपी प्रेरणा शेखावत की सीधी निगरानी में टीम ने इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया है और गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रहा है कि आरोपी लंबे समय से मासिक बंधी वसूल रहे थे या नहीं।
इसके साथ ही विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है जिससे भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह से भंडाफोड़ किया जा सके। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब आरोपियों की आय से अधिक संपत्ति होने की आशंका और उनके अन्य वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड्स की भी बारीकी से जांच की जा सकती है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध की गई ब्यूरो की इस सख्त कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता की दिशा में एक बहुत बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस पूरे मामले में अग्रिम कानूनी जांच की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज जुटाने के बाद ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को जल्द ही सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत केवल अधिकृत अधिकारियों से ही करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।