समावेशी शिक्षा का अवसर प्रदान करने वाले राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया और इसके विभिन्न लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
जानकारी देते पदाधिकारीगण
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में जुटा है। संस्थान एक लचीली एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से उन विद्यार्थियों को भी समावेशी शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा रहा है, जो किसी कारणवश नियमित विद्यालयों में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकते। क्षेत्रीय निदेशक के.एल. गुप्ता ने बताया कि एनआईओएस विश्व का सबसे बड़ा ओपन स्कूलिंग बोर्ड है जो समाज के हर वर्ग तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
संस्थान द्वारा माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के अलावा प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत भी कई विशेष कोर्स चलाए जा रहे हैं। इन कोर्स के माध्यम से लगभग सरसठ व्यावसायिक क्षेत्रों में सौ से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम पूरी तरह संचालित किए जा रहे हैं। इन विभिन्न उपयोगी पाठ्यक्रमों की अवधि छह माह से लेकर दो वर्ष तक निर्धारित की गई है, जिससे देश के विद्यार्थी बेहतर कौशल प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए पूरी तरह सक्षम बन सकते हैं।
क्षेत्रीय निदेशक के अनुसार समावेशी शिक्षा का अवसर पाकर, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, श्रमिक, कामकाजी युवा, महिलाएं तथा नियमित शिक्षा से वंचित विद्यार्थी इस संस्थान के माध्यम से अपनी पढ़ाई आसानी से जारी रख सकते हैं। अध्ययन के लिए सभी नामांकित विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है तथा अधिकृत अध्ययन केंद्रों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा उचित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाता है।
इसके साथ ही यदि कोई विद्यार्थी बारहवीं बोर्ड परीक्षा में केवल गणित, रसायन विज्ञान या किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण रहता है, तो उसे पूरा वर्ष दोबारा नहीं पढ़ना पड़ता है। वह इस संस्थान के माध्यम से केवल उसी अनुत्तीर्ण विषय की परीक्षा देकर वरिष्ठ माध्यमिक योग्यता को समय पर पूर्ण कर सकता है। इससे नीट, जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को समय पर पात्रता प्राप्त करने में बड़ी सहायता मिलती है।
संस्थान में स्ट्रीम-2 के अंतर्गत किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड में अनुत्तीर्ण रहे विद्यार्थी भी आसानी से प्रवेश ले सकते हैं। इस विशेष श्रेणी में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि इकतीस जुलाई दो हजार छब्बीस निर्धारित की गई है। ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट सुविधा के तहत पूर्व बोर्ड के अधिकतम दो उत्तीर्ण विषयों का सीधा लाभ भी नए विद्यार्थियों द्वारा लिया जा सकता है।
संस्थान में प्रवेश शुल्क अत्यंत न्यूनतम रखा गया है तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष शुल्क रियायत भी दी जाती है। एक बार पंजीकरण होने पर विद्यार्थी पांच वर्ष तक पंजीकृत रहता है और इस अवधि में लगभग नौ अवसरों पर परीक्षा दे सकता है। राजस्थान में वर्तमान में चालीस से पचास हजार विद्यार्थी इससे जुड़े हैं। राज्य में छह परीक्षा केंद्र तथा कोटा जिले में छत्तीस अधिकृत अध्ययन केंद्र संचालित हैं जो विद्यार्थियों को समावेशी शिक्षा का अवसर दे रहे हैं।
"एनआईओएस माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक, प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत लगभग 67 व्यावसायिक क्षेत्रों में 100 से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करता है।" — के.एल. गुप्ता, क्षेत्रीय निदेशक एनआईओएस
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। प्रवेश और शुल्क संबंधी अधिकृत नियमों के लिए केवल संस्थान की मुख्य वेबसाइट की जानकारी ही मान्य होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।