पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ संकल्प के साथ भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक चैप्टर द्वारा भीलवाड़ा में आयोजित तीन दिवसीय जनजागरूकता अभियान संपन्न हुआ।
तीन दिवसीय जनजागरूकता अभियान संपन्न
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विश्व प्लास्टिक मुक्ति दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष तीन दिवसीय चेतना अभियान का भव्य समापन स्मृति वन में किया गया। इस समापन अवसर पर डीपीएस विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पर्यावरण, प्रकृति तथा ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही पॉलीथिन के विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए सभी को कपड़े के थैलों का निःशुल्क वितरण भी किया गया, ताकि लोग जागरूक हो सकें।
इंटेक कन्वीनर बाबूलाल जाजू ने विद्यार्थियों को स्मृति वन में रोपे गए विभिन्न दुर्लभ पौधों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति का अमूल्य संरक्षण करना देश के प्रत्येक नागरिक का परम दायित्व है। उन्होंने सभी से रोज़मर्रा के जीवन में पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह बंद करने तथा दैनिक व्यावहारिक जीवन में केवल कपड़े के थैलों को अपनाने का पुरज़ोर आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल जाजू ने स्वयं पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ, पॉलिथीन हटाओ प्रकृति और विरासत बचाओ के गगनभेदी नारे लगवाए। जाजू ने आगे चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पॉलिथीन के अनियंत्रित रूप से बढ़ते उपयोग से हमारे पर्यावरण, झीलों एवं प्राकृतिक जलाशयों के साथ-साथ मूक पशु-पक्षियों के जीवन पर भी बेहद गंभीर और घातक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। यदि समय रहते समाज सचेत नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका नियमित रूप से संरक्षण करने तथा देश के स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की सच्ची प्रेरणा दी। इस दौरान बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक इस हरित अभियान से जुड़ने और समाज को इस खतरे के प्रति जागरूक करने की बात कही। समाज के हर वर्ग को इस समय पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ के मूल मंत्र को आत्मसात करना होगा।
इस अभियान के समापन अवसर पर विद्यालय की उप-प्रधानाचार्य शिखा तोषनीवाल, वरिष्ठ शिक्षिका ऋतु दाधीच, मानसी शर्मा, पूनम मूंदड़ा, रिद्धि जैन सहित अनेक शिक्षिकाओं ने अपने स्तर पर पॉलिथीन का उपयोग कभी नहीं करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज में निरंतर जनजागरूकता फैलाने का पवित्र संकल्प लिया। प्रबुद्ध नागरिकों ने माना कि नई पीढ़ी को इस अभियान से जोड़कर इंटेक चैप्टर ने भविष्य के लिए पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ की एक मजबूत नींव रख दी है।
"पॉलिथीन के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण, झीलों एवं जलाशयों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के जीवन पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।" — बाबूलाल जाजू, इंटेक कन्वीनर
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक चैप्टर द्वारा आयोजित जनजागरूकता अभियान के आधिकारिक तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचनात्मक उद्देश्य से किया गया है। पर्यावरण नियमों और सरकारी गाइडलाइंस की अधिकृत जानकारी के लिए स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संपर्क करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक उत्तरदायी नहीं हैं।