भीषण भूकंप की विभीषिका आज भी साफ देखी जा रही है। दोहरे विनाशकारी झटकों के बाद मलबे से रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने प्रशासन के धीमे रवैये पर भारी नाराजगी जताई है।
भूकंप की विभीषिका
ला गुएरा, वेनेजुएला। तटीय क्षेत्र में आए दो भयानक झटकों के दस दिनों बाद मलबे से सुरक्षित निकाले गए लोगों ने आपदा की दर्दनाक कहानियां बयां की हैं। यहाँ के एक पांच मंजिला अपार्टमेंट में रहने वाले जुआन ज़पाटा नामक नागरिक को नागरिक बचावकर्मियों ने दो दिन और सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल ज़पाटा का इलाज फिलहाल अमेरिकी सहयोग से संचालित एक फील्ड अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी शारीरिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखा गया है और वे इस भयानक हादसे से उबरने का प्रयास कर रहे हैं। [1]
इस भयानक प्राकृतिक आपदा के कारण तटीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुका है, जिससे देश में भूकंप की विभीषिका और अधिक भयावह रूप ले चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस आपदा में अब तक 2,954 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 16,000 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। लापता लोगों की अनौपचारिक संख्या 41,000 से ऊपर पहुंच चुकी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बचावकर्मियों के साथ मिलकर स्थानीय नागरिक लगातार लापता परिजनों की तलाश में मलबे को हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
आपदा क्षेत्र में राहत कार्यों की कमान संभाल रहे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने प्रभावितों के लिए अस्थाई फील्ड अस्पतालों का निर्माण किया है, जहां सैकड़ों घायलों की आपातकालीन सर्जरी की गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, खेल के मैदानों पर स्थापित किए गए इन चिकित्सा केंद्रों को आने वाले समय में स्थानीय डॉक्टरों को सौंप दिया जाएगा। इस बीच अपनी पहचान खो चुके पीड़ित अपने परिवार से संपर्क करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे प्रभावित शिविरों में दुख के साथ एक नई उम्मीद भी दिखाई दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा दल के अनुसार, शुरुआती दौर में केवल मलबे से दबे और गंभीर चोटों से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया था, लेकिन अब स्थिति को देखते हुए इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान दौर में भूकंप की विभीषिका इतनी बड़ी है कि स्थानीय चिकित्सा संसाधन पूरी तरह से समाप्त हो चुके थे। स्वयंसेवकों की मदद से अब घायल मरीजों को दवाइयां और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारू रूप से प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सके।
देश की अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिग्ज ने आधिकारिक तंत्र पर लग रहे सुस्त कार्रवाई के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता में भारी रोष देखा गया। प्रभावित क्षेत्रों में तैनात नागरिक समूहों और अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों का स्पष्ट कहना है कि सरकार की प्रतिक्रिया बेहद धीमी और अप्रभावी रही है। आपदा के इतने दिनों बाद भी मलबे को हटाने के लिए आवश्यक भारी machinery और खाद्य सामग्री की भारी किल्लत बनी हुई है जिससे बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्य रूप से प्रभावित रिहायशी परिसरों में से एक 'लॉस कोकोस' में सेना की मौजूदगी के बावजूद आम नागरिक अपने स्तर पर सुरंगें बनाकर शवों को निकाल रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सुरक्षा बल निर्माण कार्यों में हाथ बंटाने के बजाय हथियारों के साथ गश्त कर रहे हैं, जिससे भूकंप की विभीषिका झेल रहे पीड़ितों का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है और लोग मलबे को हटाने के लिए क्रेन जैसी भारी मशीनों की मांग कर रहे हैं।
मलबे में दबे अपनों को खोजने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए स्वयंसेवक और पीड़ित परिवार बिना थके दिन-रात खुदाई के काम में जुटे हुए हैं। स्थानीय मैकेनिक और शिक्षकों द्वारा प्रबंधित ये नागरिक दल तब तक रुकने को तैयार नहीं हैं, जब तक हर एक पीड़ित को मलबे से बाहर नहीं निकाल लिया जाता। भयानक तबाही और इस मानवीय त्रासदी के बीच चारों तरफ फैली भूकंप की विभीषिका देश के इतिहास की सबसे बड़ी नागरिक एकजुटता और साहस का एक बड़ा गवाह बन रही है।
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