राजस्थान

कायस्थ समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावियों का अभिनंदन

कायस्थ समाज द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के 80 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतिभा सम्मान समारोह

कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। कायस्थ समाज द्वारा एल.बी.एस. स्कूल परिसर, महावीर नगर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले समाज के लगभग 80 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ आरएएस, नीट और आईआईटी परीक्षाओं में चयनित प्रतिभाओं को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं ट्रॉफी प्रदान की गईं।

समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित्त रंजन चौधरी और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर रहे। उनके साथ राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष शिप्रा कुलश्रेष्ठ, डीएफओ अनुराग भटनागर और आईआईआईटी श्रीनगर के प्रो. विवेक श्रीवास्तव ने भी शिरकत की। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर बुलाकर उनकी शानदार सफलताओं के लिए पुरस्कृत किया।

सफलता के मूल मंत्र

मुख्य अतिथि प्रो. निमित्त रंजन चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पुरस्कार आपकी सफलता की पहली सीढ़ी है। जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए कठिन परिश्रम, कड़ा अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपना सबसे बड़ा संबल बनाना होगा। वहीं प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर ने बताया कि समाज में उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से यह प्रतिभा सम्मान समारोह पिछले दस वर्षों से निरंतर और पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिप्रा कुलश्रेष्ठ ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की इस बड़ी सफलता के पीछे उनके माता-पिता और गुरुजनों का सबसे बड़ा त्याग होता है। विशिष्ट अतिथि डीएफओ अनुराग भटनागर ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में जाने वाले युवाओं के भीतर पर्यावरणीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना होना आज बेहद आवश्यक है।

पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश

प्रो. विवेक श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को समय प्रबंधन और निरंतर अध्ययन करने का महत्व समझाया। इस भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह के अंतिम चरण में सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न के साथ एक-एक जीवित पौधा भी भेंट किया गया। इसके माध्यम से समाज को प्रकृति की रक्षा करने का एक अनूठा संदेश दिया गया। इस सम्मान को पाकर उपस्थित सभी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर गर्व का भाव साफ दिखाई दे रहा था।

इस विशेष अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी नितिन भटनागर, नीरज कुलश्रेष्ठ, ऋषभ माथुर, विनोद सक्सेना और कमल कुलश्रेष्ठ सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिलाओं में अनीता सक्सेना, नैना सक्सेना, डॉ. शिखा कुलश्रेष्ठ और डॉ. शिल्पा माथुर ने भी कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आगामी वर्षों में भी इस प्रतिभा सम्मान समारोह के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहेगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट कायस्थ समाज कोटा द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल समाज के सकारात्मक और प्रेरणादायक प्रयासों की सूचना देना है। इस खबर के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे।

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