घरेलू संस्थागत लिवाली और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार 5वें दिन तेजी दर्ज की गई जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार पांचवें सत्र में तेजी का रुख देखा गया है जिससे निवेशकों में भारी उत्साह है। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी मानसून की बेहतर प्रगति और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को बड़ा समर्थन मिला है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में ढाई प्रतिशत तक की शानदार मजबूती देखने को मिली है जो पिछले दस हफ्तों का सबसे उच्चतम स्तर है। [1]
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के शुरुआती आंकड़ों में बैंकों की लोन ग्रोथ काफी मजबूत रही है जिसने इस तेजी को मुख्य रूप से लीड किया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें ईरान युद्ध के पहले वाले स्तर यानी बहत्तर डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं जिससे भारतीय शेयर बाजार को काफी राहत मिली है। तकनीकी जानकारों के अनुसार निफ्टी ने फरवरी के बाद पहली बार अपने दीर्घकालिक ट्रेंड संकेतक को पार किया है जो बाजार की सकारात्मक गति को दर्शाता है।
हालांकि हालिया बढ़त के बाद बाजार में थोड़ा ठहराव या मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है लेकिन जब तक निफ्टी एक निश्चित सपोर्ट स्तर के ऊपर बना हुआ है तब तक हर गिरावट पर खरीदारी के अच्छे अवसर आते रहेंगे। मंगलवार के कारोबार में कुल सोलह प्रमुख सेक्टर्स में से नौ सेक्टर्स बढ़त के साथ काम कर रहे थे। दूसरी ओर स्मॉलकैप और मिडकैप सूचकांकों में आधा प्रतिशत तक की मामूली गिरावट दर्ज की गई है जो बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत देती है।
सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी इंडेक्स में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है जो इसके जुलाई महीने के सुधार को और आगे बढ़ाती है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के तिमाही नतीजों से पहले आईटी शेयरों में यह लिवाली काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो टाइटन के शेयरों में तीन प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है क्योंकि कंपनी ने अपने आभूषण खंड में मजबूत त्योहारी मांग के चलते उपभोक्ता व्यवसाय में इकतालीस प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है।
जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयरों में भी साढ़े तीन प्रतिशत की तेजी देखी गई है क्योंकि जून तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व पिछले साल की तुलना में चौदह प्रतिशत बढ़ा है। इसके विपरीत ट्रेंट के शेयरों में ग्यारह प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई क्योंकि इसके जून तिमाही के राजस्व आंकड़े उम्मीद से काफी कमजोर रहे हैं। कुल मिलाकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा लगातार तीन सत्रों से की जा रही खरीदारी ने बाजार के सेंटिमेंट को बहुत मजबूत बना दिया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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