भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आने वाले कैंपा एनर्जी ड्रिंक के हजारों कैन को बीकानेर स्वास्थ्य विभाग ने जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।
भारी मात्रा में कैम्पा कैन सीज
बीकानेर, राजस्थान। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ टी शुभमंगला तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीकानेर के निर्देशन में जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बुधवार को कानासर रोड स्थित करणी औद्योगिक क्षेत्र में मैसर्स श्री विनायक एंटरप्राइजेज पर निरीक्षण एवं नमूनीकरण की बड़ी कार्रवाई की गई है। इस पूरी कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा की टीम द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया जिससे हड़कंप मच गया।
इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा कैफिनेटेड बेवरेज कैंपा एनर्जी का नमूना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत लिया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद शेष पैंतीस हजार नौ सौ छत्तीस कैन को तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया है। डॉ पुखराज साध ने बताया कि लेवल पर एनर्जी ड्रिंक लिखना सीधे तौर पर भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है जिसके खिलाफ विभाग अब लगातार अभियान चला रहा है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के नियमों के अनुसार कैफिनेटेड बेवरेजेस पर स्टीमूलेट्स माइंड, एनर्जाइज बॉडीज, एनर्जी ड्रिंक या स्पोर्ट्स ड्रिंक जैसी शब्दावली का उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि विभाग द्वारा नामी बेवरेज ब्रांडों को इस संबंध में पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा चुका है। इसके साथ ही आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने सभी ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी इस संबंध में जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
इन ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा अत्यधिक होती है जो गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों तथा कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकती है। इसे भ्रामक प्रचार की श्रेणी मानकर विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भिजवाया जाएगा और रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से बाजार में मिलावटी और गलत लेबलिंग वाले उत्पादों को बेचने वाले व्यापारियों में डर का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी ब्रांड को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर भ्रामक प्रचार की श्रेणी का सहारा लेने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ उनके विनिर्माण लाइसेंस को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने जिले के सभी वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को भी सख्त हिदायत दी है कि वे केवल उन्हीं मानकों वाले पेय पदार्थों की बिक्री करें जो सरकारी नियमों पर खरे उतरते हों। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों से भी स्टॉक की जांच करने को कहा गया है ताकि अनजाने में भी कोई प्रतिबंधित या भ्रामक प्रचार की श्रेणी वाला उत्पाद आम उपभोक्ताओं तक न पहुँच सके और लोगों की सेहत सुरक्षित रहे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। खाद्य सुरक्षा मानकों डिब्बाबंद पेय पदार्थों के नियमों और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट से जुड़े इस विषय की अधिक जानकारी के लिए पाठक भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के आधिकारिक दिशा निर्देशों का अवलोकन करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।