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व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट नहीं अब केवल वैध डिजिटल टिकट चलेगा

रेलवे के नए नियम के मुताबिक व्हाट्सएप संदेश या स्क्रीनशॉट अब अमान्य हैं, यात्रा के लिए मूल मोबाइल में वैध डिजिटल टिकट होना अनिवार्य।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय रेलवे ने सफर के दौरान मोबाइल ऐप से बुक होने वाले अनारक्षित टिकटों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और नया नियम स्पष्ट किया है। रेलवे के नए आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब यात्रा के दौरान केवल व्हाट्सएप पर प्राप्त हुई टिकट की प्रति, उसका स्क्रीनशॉट या किसी अन्य माध्यम से साझा किया गया चित्र मान्य नहीं होगा। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, रेलवन ऐप के जरिए बुक किए गए अनारक्षित टिकटों की जांच के दौरान यात्रियों को अपने पास मूल उपकरण में सुरक्षित वैध डिजिटल टिकट ही दिखाना होगा। [1]

नया नियम

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को विशेष रूप से सलाह दी है कि यदि उन्होंने रेलवन ऐप के माध्यम से अपना अनारक्षित टिकट बुक किया है, तो सफर के दौरान वही पंजीकृत मोबाइल फोन अपने साथ रखना अनिवार्य होगा, जिससे बुकिंग की गई थी। इसके साथ ही यात्रियों के पास एक वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र होना भी बेहद जरूरी है। टिकट जांच के समय यदि कोई यात्री केवल व्हाट्सएप कॉपी या स्क्रीनशॉट दिखाता है, तो उसे वैध डिजिटल टिकट नहीं माना जाएगा और उस पर कार्रवाई होगी।

यह नियम मुख्य रूप से टिकटों के गलत इस्तेमाल, कालाबाजारी और फर्जी यात्रा की बढ़ती घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा और सत्यापन की पुष्टि केवल उसी पंजीकृत डिवाइस से की जा सकती है, जिससे वह टिकट मूल रूप से जारी हुआ था। दूसरे फोन में साझा की गई फाइलें केवल सूचना के उद्देश्य से काम आ सकती हैं, लेकिन वे कानूनी रूप से वैध डिजिटल टिकट का स्थान बिल्कुल नहीं ले सकती हैं।

सख्त निर्देश

यदि आप रेल सफर की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास यात्रा के दौरान दो महत्वपूर्ण चीजें हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए। पहला वही पंजीकृत मोबाइल हैंडसेट होना चाहिए, जिससे टिकट खरीदा गया था और दूसरा कोई भी प्रामाणिक पहचान पत्र होना चाहिए। टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई इन दोनों दस्तावेजों की गहनता से जांच कर सकते हैं। यदि आपके पास मूल ऐप में मौजूद वैध डिजिटल टिकट नहीं मिलता है, तो आपको बिना टिकट मानकर नियमानुसार उचित जुर्माना देना पड़ सकता है।

नियम का उल्लंघन करने की स्थिति में टिकट को पूरी तरह अमान्य घोषित कर दिया जाएगा, जिसके बाद यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने मोबाइल फोन की बैटरी को अच्छी तरह चार्ज रखें, ताकि मांगने पर ऐप खोलकर मूल वैध डिजिटल टिकट दिखाया जा सके। कई बार लोग सिर्फ स्क्रीनशॉट के भरोसे यात्रा पर निकल जाते हैं, जो अब उन्हें बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।

यात्री गाइड

इस नई व्यवस्था के तहत डिजिटल टिकटिंग प्रणाली को पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे ने साफ किया है कि तकनीक के दौर में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जा सकता है। ऐसे में यात्रियों को अपनी बुकिंग के बाद ऐप के भीतर टिकट की उपलब्धता को एक बार स्वयं अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। केवल अधिकृत ऐप के जरिए ही अपना वैध डिजिटल टिकट संभाल कर रखें और स्क्रीनशॉट साझा करने की आदत को तुरंत बदल लें।

आने वाले दिनों में इस नियम को लेकर स्टेशनों पर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। यात्रा के दौरान किसी भी विवाद या जुर्माने से बचने के लिए सरकारी पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट हमेशा अपने पास रखें। अंततः रेलवे का यही लक्ष्य है कि सभी सम्मानित यात्री नियमों का पूरी तरह पालन करें और अपने पास मौजूद वैध डिजिटल टिकट के साथ एक सुखद और सुरक्षित सफर का आनंद उठाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भारतीय रेलवे द्वारा अनारक्षित टिकट बुकिंग ऐप, व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट की अमान्यता और वैध डिजिटल टिकट से जुड़े नए यात्रा नियमों तथा जुर्माने के प्रावधानों को समझने के लिए यह सामग्री प्रस्तुत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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