क्राइम

सावधान! अब जेल में सुविधा के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह हुए सक्रिय 

जेल में सुविधा के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए जेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कैदियों के परिजनों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

नई दिल्ली, दिल्ली। देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में बंद कैदियों और उनके परिजनों से पैसे ऐंठने के कई हैरान करने वाले मामले सामने आ रहे हैं। अपराधियों द्वारा जेल के भीतर विशेष सहूलियतें दिलाने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर जेल में सुविधा के नाम पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। इन गंभीर मामलों को देखते हुए जेल प्रशासन ने अब सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ा दी है, ताकि कैदियों के निर्दोष परिवारों को इन शातिर जालसाजों के चंगुल से सुरक्षित बचाया जा सके। [1]

फर्जीवाड़ा सक्रिय

जेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ अज्ञात जालसाज खुद को जेल का बड़ा अधिकारी या कर्मचारी बताकर कैदियों के परिजनों से फोन पर संपर्क साध रहे हैं। ये शातिर अपराधी परिजनों को भरोसा दिलाते हैं कि वे जेल के भीतर उनके कैदी को मोबाइल फोन की सुविधा, बेहतर बैरक, मुलाकात की आसान व्यवस्था, या मनपसंद जेल में स्थानांतरण जैसी कई विशेष सुविधाएं दिलवा देंगे। इन फर्जी दावों के बदले में कैदियों के डरे हुए परिजनों से मोटी रकम की मांग की जाती है।

परिजनों को पूरी तरह से अपने झांसे में लेने के लिए ये आरोपी पहले से ही कैदी और उससे जुड़े आपराधिक केस की पूरी जानकारी जुटा लेते हैं। जब वे परिजनों को केस से जुड़ी गुप्त बातें बताते हैं, तो परिजनों का उन पर आसानी से भरोसा हो जाता है। इसके बाद जैसे ही परिजन उनके बताए खाते में पैसे ट्रांसफर करते हैं, वैसे ही आरोपी अपना फोन बंद कर देते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर देते हैं, जिससे जेल में सुविधा के नाम पर ठगी का खेल पूरा होता है।

सख्त कार्रवाई

इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जब आंतरिक जांच शुरू की गई, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कैदियों के परिवारों के फोन नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी अवैध तरीके से हासिल की थी। एक पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने खुद को तिहाड़ जेल का मुख्य अधीक्षक बताकर उससे बड़ी रकम ऐंठ ली थी। इस तरह के लगातार होते हमलों के बाद अब दिल्ली पुलिस की साइबर सेल भी मामले की जांच में जुट गई है।

इस गंभीर स्थिति से निपटने और लोगों को जागरूक करने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन ने तुरंत एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 28520414 जारी कर दिया है। प्रशासन ने देश के सभी नागरिकों और कैदियों के रिश्तेदारों से विशेष अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति जेल का कर्मचारी बनकर उनसे पैसों की मांग करता है, तो वे तुरंत इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जेल में सुविधा के नाम पर ठगी करने वाले इन अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस जगह जगह छापेमारी भी कर रही है।

जागरूकता जरूरी

जेल मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जेल के भीतर किसी भी कैदी को कोई विशेष सुविधा पैसे के बदले नहीं दी जा सकती है और न ही कोई कर्मचारी बाहर फोन करके पैसों की मांग करता है। यदि कोई ऐसा दावा कर रहा है, तो वह पूरी तरह से फर्जी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जेल में सुविधा के नाम पर ठगी से बचने के लिए केवल जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें।

आने वाले दिनों में जेल के मुलाकात कक्ष के बाहर भी बड़े बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि आने वाले आगंतुकों को इस ठगी के बारे में पहले से सतर्क किया जा सके। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई परिजन किसी कर्मचारी को रिश्वत देने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंततः जेल विभाग का यही प्रयास है कि तकनीकी सुरक्षा को और कड़ा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। तिहाड़ जेल में बंद कैदियों के परिजनों से बाहरी तत्वों द्वारा की जा रही पैसों की मांग, जेल में सुविधा के नाम पर ठगी और जेल प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था को समझने के लिए यह सामग्री प्रस्तुत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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