डीग पुलिस ने ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत मेवात के साइबर अपराधियों को फर्जी आईडी पर सिम बेचने वाले एक शातिर फर्जी सिम सप्लायर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी से बरामद फर्जी सिम कार्ड (Photo Source- Deeg Police)
भरतपुर, राजस्थान। गुजरात से फर्जी आईडी के जरिए महज छह सौ रुपये में सिम कार्ड खरीदकर उन्हें मेवात क्षेत्र के सक्रिय साइबर ठगों तक दो हजार से ढाई हजार रुपये में पहुंचाने वाले एक शातिर फर्जी सिम सप्लायर को डीग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस विशेष ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत की गई बड़ी कार्रवाई में पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से कुल एक सौ पचहत्तर फर्जी सिम कार्ड और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि आरोपी काफी लंबे समय से सक्रिय था। [1]
वह लंबे समय से विभिन्न साइबर ठगों को फर्जी सिम उपलब्ध कराकर उनके अवैध नेटवर्क को मजबूत कर रहा था। अब उससे जुड़े पूरे गिरोह और सप्लाई चेन की गहन जांच की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के ने बताया कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत थाना जालूकी पुलिस साइबर सेल और डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से बेहतरीन कार्रवाई कर इस शातिर फर्जी सिम सप्लायर को गिरफ्तार किया है।
एसपी ने बताया कि जुलाई दो हजार छब्बीस में साइबर सेल को तकनीकी आधार पर पुख्ता सूचना मिली कि एक व्यक्ति बड़ी संख्या में अवैध रूप से फर्जी सिम कार्ड लेकर अलवर की ओर से आ रहा है। सूचना मिलते ही थाना जालूकी से सब इंस्पेक्टर भानुप्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल पूनम सिंह, कांस्टेबल लालाराम, ज्ञान सिंह, चालक बनवारी तथा डीएसटी प्रभारी सुल्तान सिंह अपनी टीम के साथ जालूकी चौराहे पर पहुंचे और चारों तरफ कड़ी नाकाबंदी शुरू कर दी।
शाम करीब चार बजकर बयालीस मिनट पर तकनीकी इनपुट के आधार पर रोडवेज बस से उतरे एक संदिग्ध युवक की घेराबंदी कर जालूकी गोविंदगढ़ रोड पर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सहबाज पुत्र जाहुल, उम्र अट्ठाइस वर्ष, निवासी रायपुर, थाना सीकरी, जिला डीग बताया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी फर्जी सिम सप्लायर के कब्जे से अलग अलग कंपनी के कुल एक सौ पचहत्तर फर्जी सिम कार्ड बरामद किए। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी आईडी के आधार पर सूरत गुजरात से प्रत्येक सिम कार्ड करीब छह सौ रुपये में खरीदकर लाता था। इसके बाद वह इन सिम कार्डों को डीग, भरतपुर और आसपास के मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों को दो हजार से दो हजार पांच सौ रुपये प्रति सिम के हिसाब से बेच देता था। इस तरह वह हर सिम पर भारी मुनाफा कमाकर साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को सक्रिय रखने में बेहद अहम भूमिका निभा रहा था।
आरोपी लंबे समय से दूसरे राज्यों से फर्जी सिम खरीदकर साइबर ठगों तक पहुंचाने का काम कर रहा था। अब उससे जुड़े अन्य लोगों और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। आरोपी फर्जी सिम सप्लायर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साइबर ठगों, फर्जी सिम सप्लायरों और पूरे गिरोह की अवैध कड़ियों को पूरी तरह खंगालने में जुटी हुई है।
एसपी ने बताया कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन एंटीवायरस आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे अवैध नेटवर्क पर बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि इस सप्लायर ने अब तक कितने सिम कार्ड बांटे हैं और उन नंबरों का इस्तेमाल किस किस प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड में किया गया है। आने वाले दिनों में इस गिरोह के कई अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी संभव है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भरतपुर के डीग में ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत हुई फर्जी सिम सप्लायर की गिरफ्तारी, बरामदगी, मेवात क्षेत्र के साइबर ठगों के नेटवर्क और पुलिस की इस कार्रवाई को समझने के लिए यह सामग्री प्रस्तुत है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।