अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों द्वारा एक किलो सोना गलवाने का सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या, उत्तर प्रदेश। कस्टडी रिमांड पर लिए गए राम मंदिर चढ़ावा चोरी के तीन आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक कार, चोरी की रकम से खरीदे गए गहने और नकदी बरामद की है। चालीस घंटे की गहन पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई के बाद पुलिस ने रिमांड अवधि खत्म होने पर तीनों आरोपियों को वापस जिला जेल भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान चढ़ावा चोरी से जुड़े कई अहम और चौंकाने वाले सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं जिससे जांच का दायरा अब काफी बढ़ गया है। [1]
इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात पुलिस की पूछताछ में तब सामने आई जब आरोपी अनुकल्प ने दान में आए आभूषणों में से करीब एक किलो सोना एक सराफा कारोबारी से गलवाने का सच कबूला। आरोपी अनुकल्प ने पुलिस को बताया कि सोना गलवाने से मिली भारी रकम का इस्तेमाल विभिन्न संपत्तियां और भूखंड खरीदने में किया गया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद संबंधित सराफा कारोबारी भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है और पुलिस अब उस पर भी कानूनी शिकंजा कस रही है।
पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को कस्टडी रिमांड पर लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस बुधवार रात लवकुश मिश्रा को रुदौली कोतवाली के ठकुरन फगौली गांव स्थित उसके घर ले गई जहां तलाशी के दौरान सोने का लॉकेट और पैंतीस हजार रुपये मिले। इसके बाद आरोपी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी कॉलोनी स्थित मकान से सोने की चेन, पंद्रह हजार रुपये नकद और एक कार बरामद हुई जो उसने अपने पिता के नाम खरीदी थी क्योंकि वे इस एक किलो सोना प्रकरण में शामिल थे।
आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि उन्होंने चढ़ावा चोरी की कुछ रकम को शेयर बाजार में भी निवेश किया है जिसके सभी रिकॉर्ड पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। जांच में पता चला है कि अनुकल्प ने कौशलपुरी के मकान की करीब तीस लाख रुपये की रजिस्ट्री कराई थी जबकि उसने इसके लिए करीब सत्तर लाख रुपये नकद दिए थे। पुलिस अब इन सभी दस्तावेजों, संपत्तियों के नवीनीकरण और भारी भुगतान के वास्तविक स्रोतों का गहन सत्यापन कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस बुधवार देर रात लवकुश को लेकर उसके घर पहुंची थी जहां तलाशी के बाद लवकुश की पत्नी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले जाया गया। लवकुश के माता पिता को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी थी जिनसे पूछताछ चल रही है। इसके साथ ही पुलिस इस मामले में बचे हुए अन्य आरोपियों टिन्नू और मनीष को भी जल्द ही रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि आरोपियों द्वारा एक किलो सोना गलवाने के बाद बची हुई पूरी रकम बरामद की जा सके।
इधर राम मंदिर में चढ़ावा राशि प्रकरण और ट्रस्ट में चल रहे प्रशासनिक बदलावों के बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी अपनी सक्रियता काफी बढ़ा दी है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा पिछले करीब एक सप्ताह से अयोध्या में डेरा डाले हुए हैं। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि से बंद कमरे में मुलाकात की है। सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच ट्रस्ट की वर्तमान स्थिति, नए महासचिव पद और आगे की रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई है।
अयोध्या में इस समय विहिप का पूरा केंद्रीय नेतृत्व काफी सक्रिय दिखाई दे रहा है और कारसेवकपुरम में वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक गोपनीय बैठक भी हुई है जिसमें राम मंदिर प्रकरण और ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी मिली है। आरोपियों द्वारा एक किलो सोना गलवाने की बात सामने आने के बाद विहिप और ट्रस्ट दोनों ही इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के इस मामले की पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई अभी न्यायालय के अधीन जारी है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।