हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी नई स्वास्थ्य सेवा पहल के तहत राजस्थान और उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं।
स्वास्थ्य सेवा पहल
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के तहत ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के सहयोग से राजस्थान और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया। कंपनी की इस विशेष स्वास्थ्य सेवा पहल के माध्यम से ग्यारह सौ से अधिक ग्रामीणों को उच्च गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं और परामर्श की सुविधा बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध कराई गई।
इस जनकल्याणकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान के आगुचा, चंदेरिया, जावर और दरिबा तथा उत्तराखंड के पंतनगर में आयोजित विशेष शिविरों में कुल 1101 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श का सीधा लाभ उठाया। इनमें 561 महिलाएं और 540 पुरुष पूरी तरह शामिल रहे। इस प्रभावी स्वास्थ्य सेवा पहल के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श, आवश्यक शारीरिक जांचें और जरूरी दवाइयों की सुविधा मौके पर ही तत्काल उपलब्ध कराई गई।
शिविरों में गायनेकोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ और जनरल फिजीशियन की संयुक्त टीम ने सभी लाभार्थियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। इस दौरान हीमोग्लोबिन जांच, रक्तचाप मापन, रैंडम ब्लड शुगर स्क्रीनिंग सहित कई महत्वपूर्ण पैथोलॉजिकल जांचें की गईं। जांच के बाद जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया जिससे उन्हें तत्काल उपचार और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित हो सकी। ग्रामीणों को शिविर स्थल तक आने जाने हेतु डोर टू डोर परिवहन सुविधा भी दी गई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच स्थापित करना था जो परिवहन के साधनों की कमी के कारण सही समय पर उचित उपचार से वंचित रह जाते हैं। इस सुचारू व्यवस्था से कार्यक्रम में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हुई। शिविरों के दौरान ही हिंदुस्तान जिंक की स्वास्थ्य सेवा पहल के तहत ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, स्वच्छता और समय पर उपचार कराने के महत्व के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने ग्रामीण लोगों को गंभीर बीमारियों की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की यह स्वास्थ्य सेवा पहल केवल चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही बल्कि ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरी है। कंपनी का मानना है कि इस तरह की सामुदायिक पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और सकारात्मक बदलाव आने के साथ एक आत्मनिर्भर समाज का निर्माण होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भीलवाड़ा एवं अन्य क्षेत्रों में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा आयोजित सीएसआर स्वास्थ्य शिविरों और चिकित्सा पहलों की यह विवरणात्मक रिपोर्ट स्थानीय गतिविधियों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।