भीलवाड़ा के महेश पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के नन्हे बच्चों को एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण के तहत किसान मॉल ले जाकर कृषि और पोषण का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
शैक्षणिक भ्रमण
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। श्री महेश सेवा समिति द्वारा संचालित श्री महेश पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग के प्ले ग्रुप से यूकेजी तक के नन्हे विद्यार्थियों को शुक्रवार को एक विशेष व्यावहारिक कार्यक्रम के अंतर्गत किसान मॉल ले जाया गया। इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रोजमर्रा के फलों एवं सब्जियों की सही पहचान कराना, उनके पोषण संबंधी महत्व से पूरी तरह परिचित कराना तथा देश की खेती और प्रकृति के प्रति जागरूक बनाना था।
इस मजेदार शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के ताजे फल, हरी सब्जियाँ तथा मॉल के ग्रोसरी अनुभाग का बहुत ही उत्सुकता से अवलोकन किया। स्कूल के अनुभवी शिक्षकों ने बच्चों को विभिन्न फलों एवं सब्जियों के नाम, उनके रंग, आकार, उपयोगिता तथा अच्छे स्वास्थ्य के लिए उनके महत्व की सरल एवं रोचक जानकारी मौके पर ही प्रदान की। साथ ही बच्चों को यह भी भावुकता से बताया गया कि हमारे किसान किस प्रकार कड़ी मेहनत से खेतों में फल एवं सब्जियों का प्रचुर उत्पादन करते हैं।
शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि कैसे यह अनाज और सब्जियां हमारी थाली तक पहुँचती हैं। इस अवसर पर विद्यालय के सभी नन्हे विद्यार्थियों ने बेहद उत्साहपूर्वक अनेक नई व्यवहारिक जानकारियाँ प्राप्त कीं। श्री महेश सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश नराणीवाल ने कहा कि ऐसे अनुभव बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के साथ साथ हमारी प्रकृति एवं देश के अन्नदाता के प्रति सम्मान की भावना को भी बच्चों के कोमल मन में सुदृढ़ करते हैं जो बेहद जरूरी है।
समिति के सचिव राजेन्द्र कचोलिया ने अपने विशेष संदेश में कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही भारतीय कृषि एवं प्रकृति से जोड़ना बहुत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि किसान मॉल का यह छोटा सा शैक्षणिक भ्रमण बच्चों की प्राकृतिक जिज्ञासा और उनकी सीखने की क्षमता को एक नई सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा। समिति के कोषाध्यक्ष राजेश बाहेती व निदेशक एवं विद्यालय प्रभारी दिनेश शारदा ने भी ऐसे प्रयासों की जमकर सराहना की है।
विद्यालय की प्राचार्या निधि झा भार्गव ने इस तरह के स्कूल शैक्षणिक भ्रमण को बच्चों के मानसिक व व्यावहारिक ज्ञान के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक आयोजन विद्यार्थियों के प्रेक्षण कौशल, अवलोकन क्षमता एवं उनके आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संपूर्ण विद्यालय परिवार ने मॉल प्रबंधन एवं सभी सहयोगियों का दिल से आभार व्यक्त किया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भीलवाड़ा के स्थानीय विद्यालय द्वारा बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए आयोजित इस व्यावहारिक दौरे की यह विवरणात्मक रिपोर्ट स्थानीय विद्यालय की गतिविधियों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।