प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच ऑकलैंड में हुई बैठक में भारत न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिला है।
Indian PM Narendra Modi with New Zealand PM Christopher Luxon
ऑकलैंड, न्यूजीलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके न्यूजीलैंड के समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को ऑकलैंड में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की है। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को ऐतिहासिक ऊंचाई देते हुए इसे भारत न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति बनी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस बैठक में व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, खेल और संस्कृति जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। [1]
दोनों राजनेताओं के बीच हुई इस बैठक के बाद रक्षा, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक निर्णय से भारत न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूती मिलेगी जिससे प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामरिक जुड़ाव गहरा होगा। दोनों प्रधानमंत्रियों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा की जिसे भविष्य के आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कौंसुलर और आर्थिक संबंधों के मोर्चे पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बताया कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इस समझौते के लागू होने के पहले ही दिन से भारत को बेचे जाने वाले सामानों पर से सत्तावन प्रतिशत टैरिफ पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। यह कदम द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक गतिविधियों को एक नया रणनीतिक धरातल प्रदान करने में गेम-चेंजर साबित होगा।
यह यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पिछले चालीस वर्षों में की गई पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, जो इस द्विपक्षीय संवाद को और अधिक ऐतिहासिक बनाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर स्वयं अगवानी करने के लिए क्रिस्टोफर लक्सन के विशेष व्यवहार की सराहना की और इसे आपसी विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऑकलैंड में हुए इन आयोजनों ने भारत न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी को एक नई गति और नई ऊर्जा प्रदान की है जो भविष्य के सहयोग की नींव बनेगी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीय प्रवासियों और वहां के नागरिकों द्वारा मिले भव्य स्वागत के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि लोगों के बीच का यह आपसी जुड़ाव दोनों देशों की दोस्ती को और अधिक मजबूत बनाता है। भारत और न्यूजीलैंड हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण छोर हैं और दोनों देशों की यह बढ़ती निकटता वैश्विक मंदी के दौर में क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापारिक सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पाठकों को ध्यान रखना चाहिए कि किन्हीं भी दो संप्रभु राष्ट्रों के मध्य द्विपक्षीय राजनयिक एवं वाणिज्यिक संबंध समय समय पर विभिन्न भू राजनीतिक रणनीतियों और सरकारी नीतियों के अधीन होते हैं जिनमें वैश्विक परिदृश्यों के अनुसार निरंतर बदलाव संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।