आरबीआई नौ राज्यों के लिए सरकारी बॉन्ड की नीलामी करेगा। वित्तीय बाजार से चौबीस हजार आठ सौ करोड़ रुपये जुटाने के लिए ई कुबेर पर बोलियां मांगी गई हैं।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
मुंबई, महाराष्ट्र: भारतीय रिजर्व बैंक ने नौ राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों की बिक्री के लिए एक विस्तृत अधिसूचना जारी की है। इस रणनीतिक कदम के तहत केंद्रीय बैंक द्वारा ई कुबेर मंच के माध्यम से सरकारी बॉन्ड की नीलामी की जाएगी। आरबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रभावित राज्यों के विकास के लिए पूंजी जुटाने की यह व्यापक प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके तहत केंद्रीय बैंक द्वारा ई कुबेर मंच पर बोलियां आमंत्रित की गई हैं। विस्तृत जानकारी के लिए आरबीआई की अधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in देखें। [Click for Details]
इस महत्वपूर्ण वित्तीय नीलामी का आयोजन भारतीय रिजर्व बैंक की कोर बैंकिंग समाधान ई कुबेर प्रणाली पर चौदह जुलाई को किया जाएगा। इस संबंध में प्रतिस्पर्धी और गैर प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार की बोलियों को केवल इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में ही स्वीकार किया जाएगा। प्रतिस्पर्धी बोलियों को जमा करने का समय सुबह साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक निर्धारित किया गया है।
वहीं गैर प्रतिस्पर्धी श्रेणी के निवेशकों के लिए सुबह साढ़े दस बजे से ग्यारह बजे तक का समय तय किया गया है। इस पूरी व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक स्टॉक की बिक्री की अधिसूचित राशि का अधिकतम दस प्रतिशत हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं को आवंटित किया सकता है। गैर प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के तहत प्रति स्टॉक एक एकल बोली के लिए अधिकतम सीमा अधिसूचित राशि का एक प्रतिशत निर्धारित की गई है। [Click for Details]
व्यक्तिगत निवेशक सीधे रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से भी अपनी बोलियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में दर्ज करा सकते हैं। प्रणाली में तकनीकी खराबी आने पर ही भौतिक बोलियों को पब्लिक डेट ऑफिस में स्वीकार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रत्येक बोलीदाता द्वारा अपेक्षित उपज प्रतिशत प्रति वर्ष या मूल्य को दशमलव के दो अंकों तक व्यक्त किया जाना अनिवार्य है।
कोई भी निवेशक ई कुबेर प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में उपज या कीमतों की समान या विभिन्न दरों पर एक से अधिक प्रतिस्पर्धी बोलियां प्रस्तुत कर सकता है। हालांकि किसी भी बोलीदाता द्वारा प्रस्तुत बोलियों की कुल राशि संबंधित राज्य के लिए अधिसूचित राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक इस नीलामी के दौरान अधिकतम प्रतिफल और न्यूनतम मूल्य का निर्धारण स्वयं करेगा जिसके आधार पर ही बोलियां स्वीकार की जाएंगी क्योंकि सरकारी बॉन्ड की नीलामी पारदर्शी रूप से संचालित की जा रही है।
यह प्रतिभूतियां न्यूनतम दस हजार रुपये की नाममात्र राशि और उसके बाद दस हजार रुपये के गुणकों में जारी की जाएंगी। इस नीलामी के अंतिम परिणामों की घोषणा चौदह जुलाई को ही कर दी जाएगी। सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान पंद्रह जुलाई को मुंबई और आरबीआई के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में बैंकिंग घंटों के दौरान किया जाना सुनिश्चित है। इन नई राज्य सरकार की प्रतिभूतियों पर ब्याज की दरें नीलामी के समय रिजर्व बैंक द्वारा ही तय की जाएंगी।
नए स्टॉक के लिए प्रत्येक वर्ष पंद्रह जनवरी और पंद्रह जुलाई को परिपक्वता अवधि तक अर्धवार्षिक रूप से ब्याज का भुगतान किया जाएगा। वहीं री इश्यू किए गए स्टॉक के लिए ब्याज का भुगतान मूल जारी तिथि पर निर्धारित दर के अनुसार ही होता रहेगा। यह सभी प्रतिभूतियां सरकारी प्रतिभूति अधिनियम दो हजार छह और सरकारी प्रतिभूति नियम दो हजार सात के प्रावधानों के तहत संचालित होंगी। इसके साथ ही यह सभी जारी किए जाने वाले सरकारी स्टॉक्स रेडी फॉरवर्ड सुविधा के लिए पूरी तरह योग्य माने जाएंगे ताकि सरकारी बॉन्ड की नीलामी को पूरी तरह सफल बनाया जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक की इस प्रतिभूति नीलामी और विभिन्न राज्यों के वित्तीय आवंटन के संबंध में नए आधिकारिक वित्तीय आंकड़े संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।