श्रृद्धांजलि

अड़तालीस हजार गानों को दी आवाज, दिग्गज गायिका का निधन, नम हुईं आंखें

मशहूर दिग्गज गायिका का निधन एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिस पर पूरा संगीत जगत स्तब्ध है। उनकी जादुई आवाज और मधुर धुनें हमेशा श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहेंगी।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतिष्ठित पार्श्व गायिका एस जानकी

नई दिल्ली, भारत: भारत की मशहूर और बेहद प्रतिष्ठित पार्श्व गायिका एस जानकी का मैसूर के एक निजी अस्पताल में दुखद निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे देश और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई, क्योंकि दिग्गज गायिका का निधन संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि संगीत की दुनिया ने आज अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है। [1]

सुरों का शानदार सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि आदरणीय जानकी अम्मा का जाना संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए बहुत बड़ा झटका है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और उत्कृष्ट गायन शैली ने विभिन्न भाषाओं के गीतों को कई पीढ़ियों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया था। उन्होंने हर मानवीय भावना को अपनी आवाज के माध्यम से अत्यंत सहजता और गरिमा के साथ पर्दे पर उतारा था। उनकी मधुर धुनें आने वाले कई वर्षों तक संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेंगी।

इस महान गायिका के निधन की आधिकारिक जानकारी उनकी पोती ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक संदेश साझा करके सार्वजनिक की है। दिग्गज गायिका का निधन भारतीय सिनेमाई संगीत के एक सुनहरे और गौरवशाली युग का अंत है। एस जानकी ने अपने लंबे और सफल करियर के दौरान विभिन्न भारतीय भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी जादुई आवाज से सजाया था। उनके जाने से फिल्म उद्योग के सभी संगीतकारों और कलाकारों में गहरी उदासी छा गई है। दिग्गज गायिका का निधन हमें याद दिलाता है हिंदी भाषा में उनके गाए कुछ सदाबहार गीत:- 

मलयालम सिनेमा में पहचान

यद्यपि एस जानकी ने वर्ष उन्नीस सौ सत्तावन में एक तमिल फिल्म से अपने पार्श्व गायन करियर की शुरुआत की थी लेकिन इसी वर्ष उनका जुड़ाव मलयालम सिनेमा से भी मजबूती से हो गया था। इसके बाद का कालखंड केरल के संगीत इतिहास में सबसे असाधारण अध्यायों में से एक बनकर उभरा। उन्होंने मलयालम भाषा के कठिन उच्चारण और उसकी बारीक कलात्मक बारीकियों को बहुत ही परिश्रम के साथ पूरी तरह आत्मसात कर लिया था जिसके कारण लोग उन्हें वहां की मूल गायिका ही मानते थे।

उनकी इसी अद्भुत निष्ठा और समर्पण ने उन्हें केरल के स्थानीय दर्शकों का बेहद चहेता बना दिया था। इसके बाद वे वर्ष उन्नीस सौ सत्तर के दशक से मलयालम सिनेमा की सबसे प्रमुख और निर्विवाद महिला आवाज बनकर उभरीं। उन्होंने पूरे भारत में बीस अलग अलग क्षेत्रीय भाषाओं में अड़तालीस हजार से अधिक गानों को रिकॉर्ड करके इतिहास रच दिया था जो उन्हें संगीत जगत के इतिहास में सबसे विपुल और सफल पार्श्व गायकों की श्रेणी में शीर्ष पर स्थापित करता है।

पुरस्कार और महान विरासत

अपने छह दशक लंबे शानदार करियर के दौरान उन्होंने संगीत क्षेत्र में कई बड़े कीर्तिमान स्थापित किए थे। उन्हें बेहतरीन गायन के लिए चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न प्रांतीय सरकारों द्वारा दिए जाने वाले तैंतीस राज्य फिल्म पुरस्कार जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था। उनका यह ऐतिहासिक और गौरवशाली सफर वर्ष उन्नीस सौ सत्तावन से लेकर वर्ष दो हजार सत्रह तक बिना रुके लगातार चलता रहा था।

केंद्र सरकार ने इस दुख की घड़ी में उनके शोक संतप्त परिवार के सदस्यों, देश विदेश में फैले करोड़ों प्रशंसकों और पूरे संगीत जगत के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। संपूर्ण सांस्कृतिक मंच आज इस महान विभूति को याद कर रहा है क्योंकि दिग्गज गायिका का निधन कला जगत के एक समृद्ध अध्याय का अंत है जिसकी भरपाई आने वाले कई दशकों तक संभव नहीं होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पार्श्व गायिका एस जानकी के निधन और संगीत जगत से जुड़ी अन्य आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के संबंध में नए विवरण संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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