चीन के पूर्वी तट पर इस वर्ष के सबसे भीषण तूफान का कहर देखने को मिला है। आपदा के चलते बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ है।
भीषण तूफान का कहर
वेनझोउ, चीन: मुख्य भूमि चीन में इस वर्ष के सबसे शक्तिशाली चक्रवात बावी ने दस्तक दी है जिसके चलते पूर्वी तट पर भीषण तूफान का कहर देखने को मिला है। इस विनाशकारी आपदा के कारण तटीय और घने सुरक्षा वाले शहरों में मूसलाधार बारिश और बेहद तेज हवाएं चल रही हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस प्राकृतिक संकट ने देश की चरम मौसम से निपटने की क्षमताओं की कड़ी परीक्षा ली है। मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी जारी की है कि यह भीषण तूफान का कहर आने वाले दिनों में देश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में लंबे समय तक व्यापक तबाही मचा सकता है। [1]
इस भीषण तूफान का कहर ढहने से पहले ही प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग बीस लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। सबसे बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन देश के प्रमुख आर्थिक और तकनीकी केंद्र झेजियांग प्रांत में चलाया गया है। तूफान ने शनिवार देर रात झेजियांग के तटीय शहर युहुआंग में पहली बार लैंडफॉल किया जिसके बाद आधी रात को वेनझोउ शहर के युएकिंग हिस्से में इसका दूसरा खतरनाक प्रहार हुआ। स्थानीय निवासियों के अनुसार समुद्र के किनारे रहने के बावजूद उन्होंने पानी का ऐसा खौफनाक स्तर पहले कभी नहीं देखा था।
शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि तटीय इलाकों में सड़कों पर खड़े वाहन आधे डूब गए। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार युएकिंग क्षेत्र में तेरह सौ से अधिक पेड़ धराशायी हो गए हैं जिनमें से सात सौ से अधिक पेड़ पूरी तरह से उखड़ गए हैं। रविवार को आपातकालीन कर्मचारी पानी से भरी सड़कों को साफ करने के लिए क्रेन और मशीनों का उपयोग कर रहे हैं। शहर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण बड़े बड़े पत्थर पहाड़ी रास्तों पर आ गिरे हैं जिससे संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
#EXCLUSIVE TYPHOON BAVI IN SHANDONG PROVINCE, CHINA
— Agraprana Pahlawan (@skynewsagra) July 12, 2026
Saturday, 11th July 2026 pic.twitter.com/tUhBsND2MW
चक्रवात बावी ने मछुआरों के तटीय शहर कानमेन में भी बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। समुद्र की ओर मुंह करने वाली दुकानों की लोहे की मजबूत संरचनाएं ढह गई हैं और इमारतों की खिड़कियां हवा के दबाव से टूट गईं हैं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार पानी घरों के भीतर तक घुस गया है जिससे हजारों युआन की संपत्ति नष्ट हो गई है। मुख्य भूमि चीन में तबाही मचाने से पहले इस चक्रवात ने ताइवान के उत्तरी हिस्से को भी प्रभावित किया था जहां मूसलाधार बारिश के चलते एक सौ चौंतीस लोग घायल हुए हैं।
इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर चीन के विशाल परिवहन नेटवर्क पर भी पड़ा है। झेजियांग की प्रांतीय राजधानी हांग्जो में दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों ने अपनी सभी सेवाएं पूरी तरह से निलंबित कर दी हैं। इसके साथ ही शियाओशान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तीन सौ से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं। पड़ोसी व्यापारिक केंद्र शंघाई में भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल सोलह सौ से अधिक ट्रेनों की यात्राएं और छह सौ से अधिक हवाई उड़ानें रद्द की गईं हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यह चक्रवात अब पूर्वी अनहुई प्रांत में प्रवेश कर चुका है और इसके उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। इस प्रणाली के कारण जिलिन, लियाओनिंग, हेबेई, शेडोंग और जियांगसू प्रांतों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इन क्षेत्रों में पहले से ही भारी बारिश हो रही थी जिससे अब बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। हेबेई प्रांत के कियानक्सी काउंटी में पानी ने एक सार्वजनिक चौक को कीचड़ की झील में बदल दिया है जहां लोग कारों के ऊपर फंस गए हैं।
वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि इस वर्ष चीन को अल नीनो मौसम पैटर्न के कारण और अधिक चरम मौसमी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। तापमान में बढ़ोतरी और चक्रवातों के पश्चिम की ओर मुड़ने से तटीय सुरक्षा के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी। तीव्र गति से मजबूत होने वाले चक्रवात स्थानीय समुदायों और आपातकालीन प्रबंधकों को तैयारी के लिए बहुत कम समय देते हैं जिससे ऐसी घटनाएं और चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। भारत और वैश्विक मंचों के अनुसार पूर्वी एशिया में भीषण तूफान का कहर पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट बन गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। चीन के झेजियांग प्रांत में आए चक्रवात बावी, रेस्क्यू ऑपरेशन और उड़ानों के निलंबन के संबंध में नए आधिकारिक नीतिगत बदलाव संभव हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।