अंतरराष्ट्रीय

भारत जापान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत करने के लिए बनी सहमति

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देते हुए भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर दोनों पक्षों में महत्वपूर्ण सहमति बनी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी

टोक्यो। भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। जापानी रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को बेहद रचनात्मक बताया और कहा कि यह भारतीय रक्षा सचिव की पहली जापान यात्रा है जिसमें दोनों देशों के बीच उद्योग जगत की साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। [1]

शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

अपनी यात्रा के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने टोक्यो में सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज मेमोरियल स्टोन पर जाकर पुष्पचक्र अर्पित किया। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस पर कहा कि यह ऐतिहासिक श्रद्धांजलि भारत और जापान के बीच साझा मूल्यों पारस्परिक सम्मान और वैश्विक शांति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित दीर्घकालिक और विशेष रणनीतिक साझेदारी की गहराई को पूरी तरह से प्रदर्शित करती है।

यह उच्च स्तरीय दौरा जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की हालिया भारत यात्रा के तुरंत बाद हुआ है जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोलहवें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक के दौरान दोनों प्रधान मंत्रियों ने व्यापार निवेश आर्थिक सुरक्षा ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित आपसी संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की थी। इस बैठक ने वैश्विक मोर्चे पर दोनों देशों के रणनीतिक रक्षा गठबंधन अर्थात द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को एक बिल्कुल नया और मजबूत आधार प्रदान किया है।

आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी

इस महत्वपूर्ण वार्ता के बाद दोनों वैश्विक नेताओं की उपस्थिति में आर्थिक सुरक्षा स्वच्छ ऊर्जा और अनुसंधान से जुड़े कई अहम सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों ने आर्थिक सुरक्षा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऊर्जा लचीलेपन के क्षेत्र में तीन ऐतिहासिक दस्तावेजों को अपनाया है। इसके साथ ही दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की पचहत्तरवीं वर्षगांठ मनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और औद्योगिक गतिविधियों की सूची तैयार करने पर भी पूरी तरह सहमत हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी समकक्ष के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का भी आयोजन किया था जिसके बाद दोनों ने भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित किया। इस मंच पर मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के दृष्टिकोण के साथ विनिर्माण साझेदारी को आगे बढ़ाने और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर गहन चर्चा की गई। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य वैश्विक पटल पर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक विस्तारित करना है ताकि आने वाले समय में दोनों देश मिलकर चुनौतियों का मुकाबला कर सकें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत समाचार भारत और जापान के बीच हुए द्विपक्षीय रक्षा समझौतों, रणनीतिक बैठकों और औद्योगिक सहयोग से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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